सुल्तानपुर। गौरीगंज के गेस्ट हाउस में वर्ष 1982 में राइफल से चली गोली से हुई सुरक्षा गार्ड की मौत के मामले में पूर्व सांसद अकबर अहमद डंपी व पूर्व आईएएस अफसर जेएन मिश्रा पर दर्ज मुकदमे में बहस पूरी हो गई। स्पेशल मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए योगेश कुमार यादव ने मामले में फैसला सुनाने के लिए 13 अक्तूबर की तिथि नियत की है।
विशेष लोक अभियोजक कालिका प्रसाद मिश्र के मुताबिक अमेठी के गौरीगंजेस्थित लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में 19 सितंबर 1982 को संजय विचार मंच की बैठक थी। बैठक में मंच की राष्ट्रीय अध्यक्ष व मौजूदा समय में जिले की सांसद मेनका गांधी समेत कई लोग मौजूद थे। उसी दौरान अचानक राइफल से गोली चलने की आवाज आई। लोगों ने कमरे के अंदर जाकर देखा तो बस्ती जिले के नरहरिया निवासी टिकोरी सिंह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। गंभीर हालत में टिकोरी सिंह को इलाज के लिए लखनऊ अस्पताल में ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई थी। टिकोरी सिंह बस्ती के तत्कालीन सांसद कल्पनाथ सोनकर के सुरक्षा गार्ड थे। दरोगा राम कुमार त्रिपाठी की तहरीर पर लापरवाही से चली गोली से मौत होने के आरोप में पुलिस ने केस दर्ज किया था। पहले स्थानीय पुलिस मामले की विवेचना कर रही थी। बाद में केस की विवेचना सीबीसीआईडी को सौंप दी गई थी।
सीबीसीआईडी ने अकबर अहमद डंपी व जेएन मिश्र के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी, जबकि हरियाण के करनैल सिंह के खिलाफ विवेचना जारी रखी। पुलिस करनैल सिंह का पता नहीं लगा पाई है। 11 जनवरी 2021 को कोर्ट ने अकबर अहमद डंपी व जेएन मिश्र के खिलाफ लापरवाही से मौत करने, सबूत मिटाने, साजिश रचने समेत कई धाराओं में आरोप तय (चार्ज) किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। मामले में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई। स्पेशल मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए योगेश कुमार यादव ने दोनों पक्षों की बहस पूरी हो जाने के बाद मामले में फैसला सुनाने के लिए 13 अक्तूबर की तिथि नियत कर दी है।