सुल्तानपुर। यूपी के अस्पतालों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में आरोपित दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती बृहस्पतिवार को भी कोर्ट में पेश नहीं हुए। उनके अधिवक्ता ने मौका अर्जी देकर कहा कि पूर्व कानून मंत्री ने मुकदमे को अपने गृह जनपद दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। स्पेशल मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 26 सितंबर की तिथि नियत कर दी है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक नौ जनवरी 2021 को दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री व मालवीयनगर के विधायक सोमनाथ भारती के खिलाफ जगदीशपुर थाने के हरपालपुर गांव निवासी सोमनाथ साहू ने जगदीशपुर थाने में केस दर्ज कराया था। आरोप है कि सोमनाथ भारती ने रामलीला मैदान जगदीशपुर में प्रेसवार्ता के दौरान उत्तर प्रदेश के अस्पतालों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। कोर्ट ने पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती पर आरोप (चार्ज) तय करने के लिए उन्हें समन भेजकर अदालत में पेश होने का आदेश दिया था। वे पिछली कई पेशी से नहीं आ रहे है। बृहस्पतिवार को भी पूर्व कानून मंत्री अदालत में हाजिर नहीं हुए।
उनके अधिवक्ता रुद्र प्रताप सिंह ने हाजिरी माफी और मौका अर्जी देकर कहा कि पूर्व कानून मंत्री ने मुुकदमे का विचारण गृह जनपद दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि उन्हें सुल्तानपुर आने-जाने में परेशानी होती है। उन्होंने ट्रांसफर याचिका के निस्तारण तक हाजिरी माफी स्वीकार करने की मांग की। इसका शासकीय अधिवक्ता कालिका प्रसाद मिश्र ने विरोध किया। स्पेशल मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए योगेश कुमार यादव ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 26 सितंबर तिथि नियत कर दी है।