सुल्तानपुर। अमेठी में एक ही परिवार के चार लोगों की हुई हत्या के मामले में नामजद ग्राम प्रधान के पति पर कोर्ट ने शिकंजा कस दिया है। जिला जज जय प्रकाश पांडेय ने प्रधान पति को विचारण के लिए तलब कर समन जारी करने का आदेश दिया है। कोर्ट की सख्ती से प्रधान पति की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस से मिली क्लीनचिट भी मददगार साबित नहीं हो पाई है। मामला अमेठी जिले के अमेठी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पूरे तिवारी मौजा गुंगवांछ से जुड़ा है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता रवि शुक्ल के मुताबिक 15 मार्च 2022 को अपनी जमीन पर मोरंग गिरा रहे हनुमान प्रसाद उर्फ बजरंगी यादव पर गांव के ही आरोपियों ने लाठी-डंडा व सरिया से हमला कर दिया था। उन्हें बचाने दौड़े परिवार के कई अन्य लोगों को भी आरोपियों ने मारपीट कर चोट पहुंचाई थी।
गंभीर रूप से घायल हनुमान प्रसाद, संकठा प्रसाद, नइका देवी उर्फ पार्वती व अमरेश यादव की मौत हो गई थी। मामले में राम दुलारे यादव, उसके पुत्र अखिलेश यादव, बृजेश यादव, अभिषेक यादव उर्फ छोटू एवं मौजूदा ग्राम प्रधान आशा तिवारी, उनके पति राम शंकर तिवारी व पुत्र नितिन तिवारी और पांच अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था।
प्रधान के पति राम शंकर तिवारी को अमेठी के तत्कालीन कोतवाल उमाकांत शुक्ल ने क्लीन चिट देते हुए फाइनल रिपोर्ट कोर्ट भेज दी थी। इसी आधार पर राम शंकर तिवारी जेल से रिहा हो गया था। मामले की सुनवाई कर रहे जिला जज प्रकाश पांडेय की अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता रवि शुक्ल ने आरोपी राम शंकर को तलब करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने नामजद आरोपी को लाभ पहुंचाने के लिए हत्याकांड के चश्मदीद गवाहों के बयान को दरकिनार कर दिया है। जिला जज ने दोनों पक्षों की बहस व साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद ग्राम प्रधान के पति राम शंकर तिवारी को विचारण के लिए तलब करने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश से आरोपी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिला जज ने आरोपियों पर आरोप तय करने के लिए 26 मई की तिथि नियत की है।