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Sultanpur News: लेखपाल पर कार्रवाई के लिए कोर्ट ने डीएम को भेजा पत्र

Fri, 14 Jun 2024 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
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सुल्तानपुर। चालक की हत्या कर ट्रक लूटकांड के मामले में जमानतनामा के अस्पष्ट सत्यापन पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने एक ओर जहां आरोपी को रिहा करने का आदेश दिया, वहीं दूसरी तरफ डीएम को पत्र भेजकर निर्देश दिया कि सत्यापन में कदाचार करने वाले अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ जांच कर कठोर कार्रवाई करें। इससे अदालत को भी अवगत कराएं।
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अंबेडकरनगर जिले के जैतपुर थाने के नाथूपुर लोधना गांव निवासी संदीप कुमार 11 जून 2023 को घर से ट्रक लेकर अमेठी जिले के जगदीशपुर के लिए निकला था। रास्ते में संदीप की गला घोटकर हत्या करने के बाद ट्रक लूट लिया गया गया था। शव कुड़वार थाना क्षेत्र के असरोगा टोल प्लाजा के पास फेंक दिया गया था। संदीप के पिता रमेश कुमार ने कुड़वार थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या व लूट का केस दर्ज कराया था। इसमें पुलिस ने विवेचना के दौरान बिहार के वैशाली जिले में ग्राम रूपसिपुर जोज निवासी दिनेश सिंह को आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।


31 मई को हाईकोर्ट से दिनेश सिंह को जमानत मिल गई थी। पांच जून को दिनेश सिंह के जमानतदार तहजीब अहमद व नसीब अहमद निवासी सैफुल्लागंज थाना गोसाईगंज का जमानतनामा कोर्ट में दाखिल किया गया था। जिला जज ने इसका सत्यापन पुलिस व राजस्व विभाग से कराने का आदेश दिया था। 10 जून को पुलिस ने जमानतनामा का सत्यापन करके कोर्ट वापस भेज दिया था, जबकि राजस्व विभाग की ओर से अस्पष्ट सत्यापन रिपोर्ट भेजी गई थी।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया कि घूस न मिलने पर लेखपाल सुनील कुमार सिंह ने अस्पष्ट रिपोर्ट भेजी है। उन्होंने लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रभारी जिला जज ने आरोपी को रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही आदेश दिया कि आदेश की प्रति जिला मजिस्ट्रेट को इस निर्देश के साथ भेजी जाए कि वह मामले की जांच करेंगे और ऐसे कदाचार में शामिल दोषी अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे और जल्द से जल्द इस न्यायालय को भी सूचित करेंगे।





हिस्सेदारी नहीं तय कर पाया लेखपाल

जमानतनामा के सत्यापन में लापरवाही करके लेखपाल कार्रवाई के घेरे में आ गया है। कोर्ट में भेजी रिपोर्ट में लेखपाल ने कहा है कि जमानतदार सह खातेदार है, लेकिन उसकी हिस्सेदारी तय नहीं हो पा रही है।




हाईकोर्ट ने तय कर रखी है सत्यापन की समय सीमा
जमानतनामा के सत्यापन की समय सीमा इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाकायदा तय कर रखी है। जमानतदार स्थानीय होने पर सात दिन, दूसरे जिले का होने पर 15 दिन और अन्य राज्य का होने पर एक माह के अंदर सत्यापित करके कोर्ट काे वापस लौटाने का सर्कुलर हाईकोर्ट ने जारी किया है।
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