दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल।
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कांग्रेस और भाजपा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में आरोपित दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अदालत में तलब किए गए हैं। यह आदेश एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट योगेश कुमार यादव ने दिया है। कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 27 अगस्त की तिथि नियत की है। मामला अमेठी के मुसाफिरखाना कोतवाली से जुड़ा है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी लोकसभा क्षेत्र से कवि कुमार विश्वास को प्रत्याशी बनाया था। उनके समर्थन में आम आदमी पार्टी के संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुसाफिरखाना क्षेत्र के औरंगाबाद गांव में जनसभा के दौरान कांग्रेस और भाजपा के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उनकी इस टिप्पणी को लेकर विवाद हो गया था। चार मई 2014 को अरविंद केजरीवाल के खिलाफ लोकसभा चुनाव के उड़न दस्ता प्रभारी/नायब तहसीलदार प्रेमचंद ने लोक जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत मुसाफिरखाना कोतवाली में केस दर्ज कराया।
मामले की विवेचना पूरी कर पुलिस ने उनके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट योगेश कुमार यादव की अदालत में चल रही है। कोर्ट ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से केस से डिस्चार्ज (उन्मोचित) करने के लिए दी गई अर्जी खारिज कर दी थी। विशेष लोक अभियोजक कालिका प्रसाद मिश्र ने बताया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आरोप (चार्ज) तय करने के लिए 18 अगस्त पेशी नियत की गई थी। बृहस्पतिवार को अरविंद केजरीवाल के कोर्ट में नहीं आने से उनके खिलाफ आरोप तय नहीं हो पाया है। कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आरोप तय करने के लिए 27 अगस्त को तलब किया है।