सुल्तानपुर। देश में एक बार फिर से कोरोना डराने लगा है। तेजी से फैल रहे कोरोना से निपटने के लिए जिले में वैक्सीन ही नहीं हैं। दो माह से खत्म वैक्सीन मंगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कई बार पत्र लिखा लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। जिले में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट को व्यवस्थित करने की कवायद चल रही है।
जिले में कोरोना की लहर से लोगों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाया था। इसके तहत अस्पताल से लेकर स्कूलों तक शिविर आयोजित करके लोगों को टीके लगाए गये।
18 प्लस आयु वर्ग के 17,63,935 लोगों को बूस्टर डोज लगाने का लक्ष्य रखा गया था। इसकी तुलना में मात्र 8,17,380 लोगों को ही बूस्टर डोज लग सकी। अभी भी 9,45,555 लोगों को बूस्टर डोज नहीं लग सकी है। इसके पीछे जिले में वैक्सीन समाप्त होना बताया जा रहा है।
नौ फरवरी से जिले में कोविड की वैक्सीन समाप्त है। कई बार इसे मंगाने के लिए पत्र लिखे गए लेकिन अभी तक वैक्सीन नहीं मिल सकी है।
-डॉ. एएन राय, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
कोरोना की लहर के अंदेशे के बाद जारी की गई गाइडलाइन की लोग धज्जियां उड़ा रहे हैं। शुक्रवार को भी जिला अस्पताल में मरीज और चिकित्सक बिना मास्क के मिले। सामाजिक दूरी का पालन तो दूर की बात है। सीएमएस डॉ. एसके गोयल ने दो दिन पहले ही सभी चिकित्सकों को मास्क लगाकर ओपीडी में बैठने का निर्देश दिया था लेकिन इसका कोई असर नहीं दिखा। यही हाल बस अड्डे का भी रहा। बिना मास्क लगाए ही लोग बसों से यात्रा कर रहे हैं। रेलवे स्टेशन पर भी लोग बिना मास्क के ट्रेनों की प्रतीक्षा करते मिले।
जिले में कोरोना महामारी के दौरान प्रधानमंत्री केयर फंड से जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर अमहट, कादीपुर, लंभुआ, जयसिंहपुर और बिरसिंहपुर 100 शैया अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए। देश में कोरोना वायरस के बढ़ते रफ्तार से स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर है। सीएमओ डॉ. डीके त्रिपाठी ने बताया कि जिला अस्पताल में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट से जिला महिला अस्पताल में बनाए गए पीकू व नीकू वार्ड में ऑक्सीजन की सप्लाई पहुंचाई गई है।