सुल्तानपुर। जिले में जितनी बिजली आ रही है, उसके आधे का भी भुगतान ऊर्जा निगम को नहीं मिल रहा है। बिजली चोरी हो रही है, जर्जर मशीनरी की वजह से लाइन लॉस हो रहा है। गलत बिलिंग आदि कई कारणों से बिल नहीं जमा हो रहे हैं। यह बदहाली देख ऊर्जा निगम के चेयरमैन एम देवराज का पारा चढ़ गया। उन्होंने अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने की चेतावनी दी।
बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में ऊर्जा निगम के चेयरमैन ने जिले व मंडल के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने लाइन लॉस से हो रहे नुकसान और उपभोक्ताओं को बिजली न मिलने जैसी समस्याएं देखीं तो एक-एक एसडीओ को खड़ा करके सवाल जवाब किया।
उन्होंने कहा कि जब कनेक्शन दिए जाते हैं तो ट्रांसफार्मर का लोड क्यों नहीं चेक करते। इसी वजह से ट्रांसफार्मर फुंकते हैं। ट्रांसफार्मर में तेल सर्दियों में डाला जाना चाहिए लेकिन अधिकारी तेल तब डलवाते हैं जब गर्मी में ट्रांसफार्मर फुंकने लगते हैं।
उन्होंने एक एसडीओ से पूछा कि सात दिन में कितने कनेक्शन दिए। इस पर एसडीओ ने जवाब दिया कि 35। चेयरमैन ने पूछा कि ट्रांसफार्मर का लोड चेक किया तो जवाब मिला कि नहीं। चेयरमैन ने कहा कि ऐसा कैसे चलेगा। ट्रांसफार्मर की क्षमता के 80 फीसदी से ज्यादा लोड के कनेक्शन दिए ही नहीं जाने चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि आप लोग बीमार होकर इलाज कराना पसंद करते हैं या बीमार होने से बचने का उपाय करते हैं। जवाब आया कि बीमार होने से बचने का। तब उन्होंने कहा कि फिर बिजली व्यवस्था को ठीक करने के बजाय पहले से ही दुरुस्त रखने का काम क्यों नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पेशेवर तरीके से काम करिए। लाइन लाॅस कम करिए और राजस्व बढ़ाइये। बकायेदारों के कनेक्शन काटने और बिना बकाया राशि जमा किये ही फिर कनेक्शन जोड़ने पर एफआईआर दर्ज कराई जाए।
उन्होंने कहा कि एमओयू के आधार पर हुए काम से ही अधिकारियों का मूल्यांकन होगा। सावन के धार्मिक आयोजनों तथा कांवड़ यात्रा के चलते उन्होंने अधिकारी-कार्मिक सभी को भ्रमणशील रहने के लिए कहा। बैठक में मुख्य अभियंता अयोध्या हरीश बंसल और अधीक्षण अभियंता राकेश प्रसाद भी शामिल रहे।
जिसकी लापरवाही से फुंकेगा ट्रांसफार्मर, उससे होगी वसूली
चेयरमैन ने एसडीओ और जेई की जिम्मेदारी भी तय कर दी। उन्होंने कहा कि यदि ट्रांसफार्मर किसी की लापरवाही से फुंकेगा तो उसकी वसूली उसी से की जाएगी।
ओवरलोडिंग जायज है या नाजायज
शहर में ओवरलोडिंग की समस्या पर उन्होंने सवाल किया कि यह जायज है या नाजायज। यदि ओवरलोड कनेक्शन दिए गए हैं तो यह जायज है जिसकी जिम्मेदारी निगम की है। इसलिए इसे ठीक करें। जनता को बेहतर बिजली मिलनी चाहिए।
माइक्रो लेबल पर करें मानीटरिंग
राजस्व बढ़ाने के लिए उन्होंने माइक्रो लेबल मानीटरिंग करने का सुझाव दिया। कहा कि बिल सही हो। समय पर वितरित करिये। बिल गलत है तो उपभोक्ता जमा नहीं करेंगे। रीडिंग के मुताबिक सही बिल सबको मिले, यह जेई से लेकर अधिशासी अभियंता सबकी जिम्मेदारी है। फर्जी बिलिंग न हो। बिल रिवीजन जहां ज्यादा हो, उसको भी चेक करिये।