सुल्तानपुर। मौसम का सितम शुक्रवार को भी बरकरार रहा। अधिकतम तापमान में एक डिग्री का इजाफा तो हुआ लेकिन हवा की रफ्तार दोगुने से ज्यादा हो गई। सूरज दिन भर बादलों में छिपा रहा। इस वजह से पूरे दिन लोग घर से बेहद जरूरत होने पर ही बाहर निकले। साथ ही अलाव भी जलते रहे।
बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 15 और न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस था। शुक्रवार को अधिकतम तापमान एक डिग्री बढ़कर 16 हो गया और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री हो गया। ऐसे में लोगों को कुछ राहत मिलनी चाहिए थी लेकिन हवा ने मौसम का रुख बदल दिया।
एक दिन पहले 1.4 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवा की गति शुक्रवार को 3.4 किमी प्रति घंटा हो गईं। ऊपर से कोहरे और बदली के कारण पूरे दिन धूप भी नहीं निकली। इस वजह से सर्दी अधिक महसूस की गई।
नगर पालिका की ओर से शहर के ज्यादातर सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाए गए। इसके अलावा लोग अपनी दुकानों और घरों के सामने भी अलाव जलाकर बैठे नजर आए। पूरे दिन लोगों के शरीर से गर्म कपड़े नहीं उतरे। मौसम वैज्ञानिक अमरनाथ मिश्र के अनुसार अब तापमान अगले कुछ दिनों तक गिरता ही रहेगा। इस दौरान यदि तेज हवा चली तो कोहरा भले ही कम पड़े किंतु सर्दी का अहसास सामान्य से अधिक रहेगा।
कोहरे के चलते पांच ट्रेनें देरी से पहुंची
कोहरे के कारण शुक्रवार को कई ट्रेनें देरी से पहुंचीं। इस कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। गाड़ी संख्या 18205 दुर्ग-नौतवना एक्सप्रेस एक घंटे 30 मिनट, गाड़ी संख्या 12338 जम्मूतवी-वाराणसी बेगमपुरा एक्सप्रेस चार घंटे 30 मिनट, गाड़ी संख्या 22356 चंडीगढ़-पाटिलीपुत्र छह घंटे, गाड़ी संख्या 14611 गाजीपुर सिटी से श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस तीन घंटे व गाड़ी संख्या 13413 फरक्का एक्सप्रेस दो घंटे देरी से पहुंची। सीआईटी रईस अहमद ने बताया कि कोहरा होने के कारण ट्रेनें धीमी गति से चल रही हैं। इस कारण लंबी दूरी की ट्रेनें लेट हो रही हैं। शुक्रवार को पांच ट्रेनें देरी से आईं।
कोहरे के कारण बसोें के फेरे घटे
कोहरे के कारण कई रूटों पर बसों के फेरे कम हो गए हैं। निगम की बसों में 50 फीसदी से कम यात्री होने पर बसें नहीं भेजी जा रही। इस कारण बस स्टेशन पर कई बसें खड़ी रहीं। स्टेशन इंचार्ज एनआर सरोज का कहना है कि कोहरे व ठंड के कारण यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई है। वाराणसी, लखनऊ व दिल्ली के लिए बसों के फेरे को कम किया गया है। लखनऊ जाने वाली जनरथ बस दो की जगह एक फेरा लगा रही है। जौनपुर से आए रामकुमार, मनीकांत व अमेठी से आए सिंकदर को घंटों बस का इंतजार करना पड़ा।