सुल्तानपुर। दीवानी न्यायालय में ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू होने पर सिविल जजों को फौजदारी के मुकदमों की सुनवाई सौंपी गई है। सीजेएम ने सभी सिविल जजों के पास फौजदारी के मुकदमों की 100-100 फाइलें भेज दी हैं। जून में सिविल जज की अदालतों में तैनात न्यायिक अधिकारी मुकदमों की सुनवाई करेगें। सुनवाई से वादकारियों को राहत के साथ मुकदमों के बोझ भी घटने के आसार हैं।
हाईकोर्ट के निर्देश पर अदालतों में पहली जून से ग्रीष्मकालीन अवकाश हो गया है। इस अवकाश में सिविल प्रकृति के मुकदमों की सुनवाई बंद रहेगी। ऐसे में सिविल न्यायालयों में तैनात न्यायिक अधिकारियों को फौजदारी के मुकदमों की सुनवाई करने की जिम्मेदारी दी गई है। सभी सिविल न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों के पास 100-100 मुकदमों की फाइलें भेज दी गई हैं।
अधिवक्ता अनिल दुबे बताते हैं कि भेजी गई फाइलों में साक्ष्य व आरोपियों का बयान (सीआरपीसी की धारा 313 के तहत दर्ज होने वाला बयान) में नियत मुकदमे शामिल हैं। जून में सिविल जजों को फौजदारी के मुकदमों की सुनवाई करने का आदेश दिया गया है। सीजेएम सपना त्रिपाठी ने इसके लिए आदेश जारी किया है।
यहां भेजी गईं फाइलें
एसीजेएम प्रथम की अदालत में विचाराधीन कोतवाली देहात थाने की 100 फाइलें सिविल जज सीनियर डिवीजन के कोर्ट में भेजी गई हैं। सिविल जज/एसीजेएम कोर्ट से जयसिंहपुर कोतवाली की फाइलें सिविल जज अवर खंड कक्ष संख्या 25 के कोर्ट में, एसीजेएम तृतीय कोर्ट से संग्रामपुर थाने की फाइलें सिविल जज अवर खंड कक्ष संख्या 25 के कोर्ट में और सिविल जज अवर खंड (एफटीसी/एसीजेएम) के कोर्ट से मोतिगरपुर थाने की 100 फाइलें सिविल जज कादीपुर के कोर्ट में भेजी गई हैं।