सुल्तानपुर। सिविल लाइन स्थित दीवानी न्यायालय को शहर के बाहर ले जाने की कवायद तेज हो गई है। कोर्ट के आदेश पर इसके लिए करीब 14 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर ली गई है। किसानों से सहमति भी ले ली गई है। कोर्ट का आदेश मिलने के बाद किसानों की भूमि अधिग्रहीत की जाएगी।
सिविल लाइन में संचालित दीवानी न्यायालय में वादकारियों व कोर्ट की बढ़ती संख्या से दिनोंदिन भीड़ अधिक होती जा रही है। इसे देखते हुए दीवानी न्यायालय को शहर के बाहर ले जाने की कवायद कई वर्षों से चल रही है। उच्च न्यायालय के आदेश पर दीवानी कोर्ट ने जिला प्रशासन को शहर के पास ही भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
निशुल्क भूमि न मिलने पर किसानों की भूमि की तलाश शुरू की गई। काफी खोजबीन के बाद शहर के करीब स्थित दो तहसीलों की एक-एक गांव की भूमि तलाश ली गई। शहर के पूर्वी-दक्षिणी छोर पर स्थित लंभुआ तहसील के पुरैना व सदर तहसील के लोहरामऊ गांव में किसानों की व सरकारी भूमि मिलाकर लगभग 14 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। तहसीलों की ओर से किसानों से भूमि अधिग्रहीत करने के लिए सहमति भी ले ली गई है। ज्यादातर किसानों ने अपनी सहमति दे दी है लेकिन कुछ ने असहमति जताई है। तहसील प्रशासन ने जिला प्रशासन को इसकी रिपोर्ट भेज दी है।
हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक भूमि का पूरा प्रस्ताव न मिलने पर डीएम ने तहसील प्रशासन की रिपोर्ट पर आपत्ति जता दी। उन्होंने सभी किसानों से सहमति लेते हुए रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। डीएम के निर्देश पर दोनों तहसीलों से दोबारा रिपोर्ट मांगी गई। तहसीलों ने अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी है। अधिकारियों के मुताबिक कोर्ट की सहमति मिलने के बाद किसानों की भूमि अधिग्रहीत की जाएगी। इसके बाद ही दीवानी न्यायालय का निर्माण होगा।
सात किसानों ने नहीं दी सहमति
लंभुआ व सदर तहसील की ओर से जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई गई भूमि के चिह्नांकन संबंधी रिपोर्ट के मुताबिक लोहरामऊ के सात किसानों ने जमीन के अधिग्रहण के लिए सहमति नहीं दी है। इसके अलावा आठ किसानों ने न तो सहमति जताई है और न ही असहमति। दोनों गांवों के 261 खातेदारों में से 239 ने अपनी सहमति दे दी है।
आदेश मिलने पर अधिग्रहीत की जाएगी भूमि
चिह्नित की गई भूमि का प्रस्ताव दीवानी न्यायालय भेज दिया गया है। न्यायालय का आदेश मिलने के बाद ही किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
-जसजीत कौर, जिलाधिकारी