सुल्तानपुर। करके सीखो कार्यक्रम के तहत अब कक्षा छह से ही बच्चे खेती-किसानी के साथ ही इंजीनियरिंग के गुर सीखेंगे। यह कार्यक्रम परिषदीय स्कूलों में पढ़ने के समय से ही आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाया जा रहा है। इसके तहत बच्चों को खाने-पीने की चीजें बनाना और खेती-किसानी का हुनर सिखाया जाएगा।
डूइंग विद लर्निंग कार्यक्रम के तहत जूनियर हाईस्कूल यानी कक्षा छह से आठ तक के बच्चों को कौशल विकास की ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रत्येक विद्यालयों को शासन स्तर से ही 28,770 रुपये की धनराशि भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। परिषदीय स्कूलों में 50 प्रकार के उपकरण खरीदे जाएंगे। जिसके तहत शिक्षकों को विद्यालय के बच्चों को चार ट्रेड्र्स इंजीनियरिंग एंड वर्कशॉप, एनर्जी एंड एन्वायरमेंट, एग्रीकल्चर, नर्सरी एवं गार्डनिंग और होम एंड हेल्थ की विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
इन गतिविधियों में बच्चों को इलेक्ट्रीशियन, खेती-किसानी के लिए फावड़े, खुरपे, खाना-पकाना, गैस चूल्हा, राजमिस्त्री, बढ़ई, सिलाई-कढाई आदि के उपकरणों के साथ अन्य उपकरण की खरीदे जाएंगे।प्रभारी बीएसए शिवशंकर मिश्र ने बताया कि शासन की ओर से परिषदीय स्कूलों के बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लर्निंग बाय डूइंग कार्यक्रम शुरू किया गया है। स्कूलों में करके सीखो कार्यक्रम के तहत बच्चों को ट्रेनिंग दी जाएगी।