जयसिंहपुर (सुल्तानपुर)। सौ शैय्या के बीरसिंहपुर चिकित्सालय में महिला चिकित्सक न होने से प्रसव सेवा पूरी तरह से ठप है। प्रसव पीड़िताओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा जिला मुख्यालय रेफर कर दिया जाता है। यहां महिला रोग विशेषज्ञ समेत चार डॉक्टरों ने अभी तक चार्ज नहीं लिया है।
तहसील क्षेत्र के बीरसिंहपुर सौ बेड के संयुक्त चिकित्सालय का उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने 30 मई 2023 को लोकार्पण करते समय क्षेत्रीय लोगों को अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का दावा किया था। मीडिया के सवाल-जवाब में सभी डॉक्टरों के शीघ्र कार्यभार ग्रहण करने को कहा था। शासन की ओर से लगभग चार माह पहले 13 चिकित्सकों की तैनाती की गई थी लेकिन अभी तक महिला रोग विशेषज्ञ डाॅ. उजमा शाहिद व अन्य तीन डॉक्टरों ने ज्वाइनिंग नहीं दी।
महिला चिकित्सक के न आने से अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। अस्पताल के लेबर रूम में बेबी इन्क्यूबेटर, बेबी वार्मर, फीटल हर्ट माॅनीटर, आईयू सीडी किट, डिलेवरी सेट समेत लाखों के उपकरण धूल खा रहे हैं।
फिजीशियन व ईएमओ से करवाया इलाज
बीरसिंहपुर अस्पताल में 15 स्टाॅफ नर्स कई माह से तैनात हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि सौ बेड के अस्पताल में यदि स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ को संबद्ध कर दिया जाए तो प्रसव सेवा शुरू हो सकती है। बृहस्पतिवार दोपहर महुआरी आशापुर से आईं पूनम तिवारी और धर्मपुर की जागृति ने बताया कि महिला डॉक्टर न होने के कारण फिजीशियन व ईएमओ से इलाज करवाया। सेमरी महमूदपुर की सिलपत्ता ने महिला चिकित्सक न होने से लौट गईं।
किसी मरीज को नहीं किया जा रहा वापस
अस्पताल के सीएमएस डाॅ. राजकमल चौरसिया ने बताया कि स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ के अभाव में प्रसव सेवा नहीं शुरु हो पा रही है। अस्पताल आने वाली महिलाओं का भी फिजीशियन व ट्रेंड नर्सों के साथ अन्य डॉक्टर सामान्य इलाज कर रहे हैं। अस्पताल आने वाले किसी भी मरीज को वापस नहीं किया जाता है।