सुल्तानपुर। शासन के निर्देश के बाद भी जिले में अभी तक एक लाख 32 हजार वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लग सकी है। निर्धारित अवधि में नंबर प्लेट नहीं लगवाने वाले वाहनों के खिलाफ विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। ऐसे वाहनों की फिटनेस समेत अन्य काम विभाग ने रोक दिए हैं।
जिले में विभिन्न प्रकार के करीब तीन लाख पंजीकृत वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगनी हैं। इसमें बाइक से लेकर कॉमर्शियल वाहन तक शामिल हैं। शासन ने सुरक्षा समेत अन्य मामलों को देखते हुए वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का निर्देश दिया था। इसके लिए कई बार शासन की ओर से तिथि बढ़ाई गई। इसके लिए रजिस्ट्रेशन नंबर के अंत में जीरो से लेकर नौ तक के नंबर वाले वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने की तिथि तय की गई थी।
कई बार तिथि बढ़ाए जाने के बाद भी जिले में तीन लाख वाहनों के सापेक्ष अभी तक एक लाख 32 हजार वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लग सकी। निर्धारित तिथि बीतने के बाद परिवहन विभाग ने हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगवाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
विभाग की ओर से ऐसे वाहनों का चालान किया जा रहा है। इसके साथ ही विभाग में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगवाने वाले वाहनों के अन्य काम रोक दिए गए हैं। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने पर ही इन वाहनों का रोका गया काम किया जाएगा।
परिवहन विभाग ने सभी प्रकार के वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए अलग-अलग राशि तय की है। बाइक के लिए 200-250 रुपये, विभिन्न प्रकार की कार के लिए 450-650 व कॉमर्शियल वाहनों के लिए 600 से 800 रुपये निर्धारित किये गए हैं।
परिवहन विभाग के मुताबिक वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के कई फायदे हैं। इस नंबर प्लेट में चिप लगी होती है। इससे वाहन समेत उसके स्वामी का पूरा पता चल जाता है। इस नंबर प्लेट को बदला नहीं जा सकता। वाहन चोरी होने की स्थिति में मिलने की संभावना अधिक रहती है।
एआरटीओ प्रशासन नंद कुमार ने बताया कि जिन वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी होगी, उनकी फिटनेस, नवीनीकरण, वाहन स्थानांतरण समेत अन्य काम रोक दिए गए हैं। नंबर प्लेट लगवाने के बाद ही आरटीओ संबंधित काम हो सकेंगे। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2022 थी। उसके बाद भी लोगों को हाई सिक्योरिटी नंबर लगवाने के लिए प्रेरित किया गया। अब शासन ने ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। गुरुवार से ऐसे वाहनों का चालान किया जाएगा।