सूरापुर (सुल्तानपुर)। संजीवनी बूटी लाते समय कालनेमि राक्षस का जहां वध किया गया था, वह स्थान विजेथुआ में है। यहां बजरंग बली का प्राचीन मंदिर है जिसे विजेथुआ महावीरन के नाम से जाना जाता है। यहीं बगल में मकरी कुंड भी है जहां हनुमान जी के स्नान करने का वर्णन आता है। 29 अगस्त को बुढ़वा मंंगल पर इस देवस्थल पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। श्रद्धालु मकरी कुंड में स्नान व दर्शन पूजन करते हैं।
नागपंचमी के बाद आने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल तथा दूसरे मंगलवार को बुढ़वा मंगल कहा जाता है। हनुमान भक्तों की दृष्टि में यह बड़ा पर्व होता है। इसलिए बुढ़वा मंगल पर यहां अमेठी, प्रतापगढ़, जौनपुर, आजमगढ़ तथा अंबेडकरनगर आदि पड़ोसी जनपदों के श्रद्धालु भारी संख्या में दर्शन करने पहुंचते हैं।
बुढ़वा मंगल पर दर्शनार्थियों की भारी संख्या को देखते हुए व्यवस्था के मद्देनजर पीएसी तथा पुलिस बल की तैनाती की जाती है। मेला परिसर में दुपहिया और चार पहिया वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए सभी मार्गों पर बैरिकेडिंग रहती है।
मेले में व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाये रखने के लिए प्रधान द्वारा भी स्वयंसेवकों की तैनाती की जाती है। दर्शनार्थी किसी तरह की असुविधा या घटना की सूचना कार्यालय पर दे सकते हैं। कादीपुर सीओ शिवम मिश्रा ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी कर ली गई है। भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए पूरी तैयारी की गई है। मंदिर प्रबंधन भी इसमें सहयोग कर रहा है।