सुल्तानपुर। भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन बृहस्पतिवार को धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर सुरक्षा का वचन लिया। भाइयों ने भी उन्हें उपहार दिए। इस तरह कच्चे धागों से रिश्ताें की डोर को मजबूत की।
भद्रा के चलते राखी का त्योहार बृहस्पतिवार को मनाया गया। बहनों ने उपवास रखकर सबसे पहले भाई के मस्तक पर रोली व अक्षत का टीका लगाया। इसके बाद आरती उतारी फिर कलाई पर राखी बांधकर उनका मुंह मीठा कराया। गांव हो या नगर, दिन भर चहल-पहल बनी रही।
गांवों में पुरोहितों ने यजमानों के यहां पहुंचकर रक्षासूत्र बांधे। सुबह होते ही थाली में रोली-अक्षत व राखी लिए बहनें राखी बांधने निकल पड़ीं। चौक, घंटाघर, मेजरगंज, जीएन रोड, शाहगंज, लखनऊ नाका, शास्त्रीनगर व दरियापुर आदि मोहल्लों में उत्सव का माहौल रहा।
बस व रेलवे स्टेशन पर भी पर्व के मद्देनजर काफी भीड़भाड़ रही। दोस्तपुर, लंभुआ, चांदा, कोइरीपुर, बल्दीराय, अलीगंज, मोतिगरपुर, दोस्तपुर व अखंडनगर आदि क्षेत्रों में राखी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। मिठाई की दुकानों पर खासी भीड़ देखी गई।
सलाखें पार कर भाई को राखी बांधने पहुंचीं बहनें
जिला कारागार में बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं। कारागार प्रशासन की ओर से जेल में निरुद्ध बंदियों को राखी बांधने पहुंचने वाली बहनों के लिए मुलाकात की विशेष व्यवस्था की गई थी। बहनों व परिजनों को धूप से बचाने के लिए वाटरप्रूफ टेंट की व्यवस्था की गई थी। कारागार में निरुद्ध कैदी नासिर को बंदी पूजा ने राखी बांधी। मुलाकात पर्ची के अलावा राखी बांधने वाली बहनों के लिए पेयजल समेत अन्य व्यवस्थाएं कारागार प्रशासन की तरफ से की गई थीं। जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम ने बताया कि सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक मुलाकात का समय तय किया गया था। इस बीच करीब 315 बहनों ने भाइयों को राखी बांधकर पर्व की परंपरा का निर्वहन किया।