सुल्तानपुर। शासन के निर्देश के बाद भी जिले के सभी परिषदीय स्कूलों में अभी तक बच्चों के लिए किताबें नहीं पहुंच पाई हैं। इसके पीछे शिक्षा विभाग की लापरवाही सामने आ रही है। दूबेपुर ब्लॉक के ज्यादातर विद्यालयों में किताबों के बिना ही नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत हो गई है। बुधवार तक महज 15 फीसदी स्कूलों में ही पाठ्य-पुस्तकें बांटी जा सकी हैं।
दूबेपुर विकास खंड में कुल 199 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें से 148 प्राथमिक, 32 उच्च प्राथमिक और 19 कंपोजिट विद्यालय हैं। खंड शिक्षाधिकारी बलदेव प्रसाद यादव ने बताया कि बुधवार तक करीब 30 विद्यालयों में पाठ्य-पुस्तकों का वितरण कर दिया गया था। बाकी 169 स्कूलों में भी शीघ्र ही किताबें बांट दी जाएंगी।
यहां नए शिक्षा सत्र को लेकर शिक्षा विभाग का ढुलमुल रवैया सामने आया है। बच्चों को आकर्षित करने के लिए स्कूल चलो अभियान भी शुरू हो गया है लेकिन कक्षा एक, दो व तीन की पुस्तकें अभी तक ब्लॉक संसाधन केंद्र पर भेजी ही नहीं गई हैं।
बल्दीराय ब्लॉक में परिषदीय विद्यालयों की संख्या 163 है। सभी विद्यालयों में किताबें पहुंच गई हैं। दोस्तपुर कंपोजिट विद्यालय में दो विषय की पुस्तकें नहीं आई हैं। ब्लॉक के मॉडल प्राइमरी स्कूल इसौली में नए सत्र की शुरुआत पर बच्चों को किताबों का वितरण किया गया। खंड शिक्षा अधिकारी रोजी सिंह ने बताया कि बीआरसी पर किताबें पहुंच चुकी हैं। सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि शीघ्र किताबें बच्चों को वितरित करें।
कादीपुर क्षेत्र स्थित 114 विद्यालयों में पाठ्य पुस्तकों का वितरण कर दिया गया है। शिक्षा क्षेत्र कुड़वार में 22 कम्पोजिट, 27 उच्च प्राथमिक और 103 प्राथमिक विद्यालय हैं। खंड शिक्षा अधिकारी श्याम बिहारी ने बताया कि कक्षा एक से आठ तक की प्राप्त पुस्तकों का वितरण शिक्षा सत्र शुभारंभ के मौके पर हो गया है। बाकी पुस्तकों के आने पर वितरण कराया जाएगा।
कुड़वार ब्लॉक में कक्षा चार से आठ तक के बच्चों को वितरित करने के लिए अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, कृषि, संस्कृत, इतिहास व पर्यावरण विषय की किताबें आ चुकी हैं। इनहें अभी तक वितरित नहीं कराया गया है। मोतिगरपुर ब्लॉक के बीआरसी से बुधवार को पुस्तकें स्कूलों को भेजी गईं। कूरेभार के प्राथमिक विद्यालय खरसोमा द्वितीय में प्रधानाध्यापक राम भारत वर्मा ने बच्चों को किताबें वितरित कीं।