सुल्तानपुर। शहर से सटे नगर कोतवाली के वल्लीपुर क्षेत्र में गोमती नदी में बृहस्पतिवार को नहाते समय डूबे तीनों बच्चों के शव एसडीआरएफ की टीम ने करीब 20 घंटे बाद नदी से खोज निकाले। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए हैं। घटना के बाद तीनों परिवारों में कोहराम मचा है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के बेचू खां का पुरवा गांव निवासी नूर आलम का पुत्र फरहान (13) अपने गांव के दोस्तों हसनैन (10) पुत्र रुखसार, रेहान (12), आबिद (12) पुत्र इस्तेखार निवासी गनेशपुर कैथोली, थाना जयसिंहपुर के साथ बृहस्पतिवार को दोपहर बाद गोमती नदी में नहाने गया था। नहाते समय चारों डूबने लगे तो स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर रेहान को बचा लिया, लेकिन तीनों गहरे पानी में चले गए। आननफानन लोगों ने इसकी सूचना परिवार के साथ पुलिस को दी। तहसील को सूचना देते हुए पुलिस मौके पर पहुंच गई।
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम ने गोताखोरों व एसडीआरएफ की टीम को बुलवा लिया। देर रात तक नदी में चली छानबीन में तीनों बच्चों का पता नहीं चला। अयोध्या से आई एसडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल से लेकर आगे तक नदी में बच्चों को खंगालना शुरू किया। दोपहर में रेलवे नदी के पुल के पास एसडीआरएफ की टीम ने तीनों बच्चों के शव बरामद कर लिए।
इस दौरान मौके पर एसडीएम सदर ठाकुर प्रसाद, कोतवाल श्रीराम पांडेय, लेखपाल सुनील सिंह समेत तीनों के परिजन व गांव के लोग मौके पर डटे रहे। तीनों के शव बरामद होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। कोतवाल ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद तीनों बच्चों के शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। ग्राम प्रधान मोहम्मद बड़कउ ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचने पर तीनों बच्चों के शव दफना दिए गए।
मोहिसिना को क्या पता था कि मायके में खो जाएगा बेटा
गोमती नदी में नहाते समय बृहस्पतिवार को डूबे तीनों बच्चों की घटना में जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के गनेशपुर कैथोली गांव निवासी इस्तेखार का 12 वर्षीय पुत्र आबिद भी शामिल है। आबिद की बेचू खां का पुरवा में रुखसार के यहां ननिहाल है। रुखसार की बहन मोहिसिना अभी कुछ दिन पहले ही अपने बेटे आबिद को लेकर मायके रुखसार के यहां आई थी। उसे क्या पता था कि मायके में उसका बेटा उससे बिछड़ जाएगा। इस्तेखार के दो बेटे थे। बड़ा आबिद व छोटा आठ वर्षीय मोहम्मद हमजा है। इस्तेखार सीजन में मुंबई में ठेला लगाकर परिवार को जीविकोपार्जन करता है। बृहस्पतिवार को सूचना मिलने पर वह मुंबई से घर पहुंच गया है।
सात भाइयों में छठे नंबर का था फरहान
घटना में अपने बेटो को खोने वाले बेचू खां का पुरवा निवासी नूर आलम के सात बेटों में गोमती नदी में डूबने वाला बेटा फरहान छठे नंबर का था। उससे पांच भाई बड़े व एक भाई छोटा है। अभी फरहान पढ़ाई कर रहा था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना में डूबने वाला तीसरा बच्चा रुखसार का बेटा हसनैन था। रुखसार के दो बेटियां व दो बेटे थे। रुखसार की चार संतानों में अल्फिशा (13) के बाद हसनैन था। उससे छोटा नूर करीब आठ वर्ष व सबसे छोटी बेटी अल्सबा करीब आठ माह की है। रुखसार गांव में ट्रैक्टर चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता है। घटना के बाद तीनों के परिवारों में कोहराम मचा है।