सुल्तानपुर। जिले में डेंगू का प्रकोप लगातार जारी है। डेंगू से अब तक करीब 15 लोगों की मौत हो चुकी है। मंगलवार को उपचार के दौरान निजी अस्पताल में भर्ती एक ब्लॉक कर्मी की डेंगू से मौत हो गई। बुधवार को जिला मलेरिया विभाग की ओर से 124 लोगों की जांच में 10 लोग पॉजिटिव मिले हैं। वहीं, जिला अस्पताल की पैथालॉजी में 157 लोगों की जांच की गई है, जिसमें 25 डेंगू पॉजिटिव मिले हैं।
गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के बरेहता फाजिलपुर गांव निवासी रामशरण प्रजापति (38) पुत्र जेठूराम कोतवाली नगर क्षेत्र के अमहट स्थित कांशीराम कॉलोनी में रहते थे। रामशरण ग्राम विकास विभाग में राष्ट्रीय ग्रामीण मिशन के तहत कूरेभार में ब्लॉक मिशन मैनेजर (बीएमएम) के पद पर तैनात थे। रामशरण के परिजनों ने बताया कि वे पिछले 21 अक्तूबर से बुखार से पीड़ित थे। खून की जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी और प्लेटलेट्स काउंट 63 हजार था। उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां देर शाम इलाज के दौरान रामशरण की मौत हो गई। रामशरण के परिवार में पत्नी सीमा के साथ ही अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बुधवार को जिला मलेरिया अधिकारी बंशीलाल के निर्देश पर लैब टेक्नीशियन आरपी सिंह के नेतृत्व में शहर के खैराबाद में कैंप लगाकर जांच की गई। 60 लोगों की एनएस-1 जांच में सात लोग पॉजिटिव मिले हैं। इसके साथ ही करौंदिया मोहल्ले में 24 लोगों की जांच में तीन लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। राहुल चौराहे के समीप 40 लोगों की जांच की गई, हालांकि यहां कोई भी पॉजिटिव नहीं मिला है। वहीं, जिला अस्पताल की पैथालॉजी में 157 लोगों की जांच की गई है, जिसमें 25 डेंगू पॉजिटिव मिले हैं। इनसेट
मात्र एक लैब टेक्नीशियन पर बढ़ी जिम्मेदारी
सुल्तानपुर। जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस सुधीर कुमार गोयल ने बताया कि जिला अस्पताल के पैथोलॉजी में मात्र एक लैब टेक्नीशियन शेषनाथ तैनात हैं। मौजूदा समय में प्रतिदिन दो सौ से लेकर ढाई सौ लोगों की चिकित्सक जांच लिख रहे हैं। एक ब्लड की पांच जांच होती है। ऐसे में शेषनाथ पर भार ज्यादा पड़ रहा है। इसके लिए जिला महिला अस्पताल में तैनात लैब टेक्नीशियन की जिला अस्पताल के पैथोलॉजी में तैनाती के लिए पत्र लिखा गया है। उम्मीद है कि बृहस्पतिवार को दूसरा लैब टेक्नीशियन भी मिल सकेगा।