सेमरीबाजार (सुल्तानपुर)। जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के पहाड़पुर गांव के पास शुक्रवार की रात महिला को बचाने के चक्कर में दो बाइक सवार युवक पेड़ से जा टकराए। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। जिला अस्पताल अंबेडकरनगर में इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। दोनों एक ही खानदान के थे और रिश्ते में चचेरे भाई थे। इस हादसे में गांव में मातम पसरा है।
जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के बहरी गांव निवासी अमित निषाद (23) व कृष्णा (21) के घर 100 मीटर की दूरी पर स्थित हैं। एक ही खानदान के दोनों युवक रिश्ते में चचेरे भाई और गहरे दोस्त थे। शुक्रवार की शाम अमित जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के होलेपुर गांव में अपनी बुआ के यहां गया था। उसके साथ बाइक से कृष्णा भी गया था। खाना खाने के बाद रात करीब आठ बजे दोनों बाइक से घर जा रहे थे।
तभी बिरसिंहपुर-हालापुर मार्ग पर पहाड़पुर गांव के पास बाइक के सामने अचानक एक महिला आ गई। उसे बचाने के चक्कर में बाइक सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। हादसे में अमित व कृष्णा गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने एंबुलेंस से दोनों को बिरसिंहपुर अस्पताल भेजवाया। जहां से उन्हें जिला अस्पताल अंबेडकरनगर रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान अमित व कृष्णा की मौत हो गई। दो युवकों की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। शाम तक कृष्णा का अंतिम संस्कार कर दिया गया था, जबकि अमित अंतिम संस्कार पिता के आने के इंतजार में रोका गया था। अमित के पिता पंजाब में प्राइवेट नौकरी करते हैं।
छिन गईं दो परिवारों की खुशियां
कृष्णा अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी तीन बहनें हैं। बड़ी बहन की शादी हो गई है। दो बहनों की शादी बाकी है। उसके पिता ननकू की 13 साल पहले मौत हो गई थी। कृष्णा मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता था। वही अमित निषाद दो भाइयों में सबसे छोटा था। वह भी मजदूरी करके घर का खर्च चलाता था। इस दुर्घटना से दो परिवारोें की खुशियां छिन गईं।
काश! हेलमेट लगाए होते तो बच जाती जान
हादसे में मरने वाले दोनों युवकों के सिर पर गहरी चोटें आई थीं, जो उनकी मौत की वजह बनीं। बाइक चला रहे कृष्णा और अमित दोनों ने ही हेलमेट नहीं लगाया था। यदि उन्होंने हेलमेट लगाया होता तो शायद सिर में इतनी गंभीर चोट न आती और कम से कम उनकी जान बच सकती थी। घटनास्थल से लेकर गांव तक इस बात की चर्चा थी।