सुल्तानपुर। किशोरी का अपहरण करने के मामले में जेल में निरुद्ध आरोपी अधिवक्ता को कोर्ट से जमानत नहीं मिल पाई है। मंगलवार को जिला जज जय प्रकाश पांडेय ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। इससे आरोपी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मामला कोतवाली नगर से जुड़ा है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक जौनपुर जिले की किशोरी अपनी मां के साथ नौ मई 2021 को लखनऊ से जौनपुर जा रही थी। शहर के पयागीपुर पहुंचने पर किसी काम के लिए रुक गई थी। बाद में दोनों जौनपुर के लिए दूसरी गाड़ी का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान जौनपुर जिले के उसके परिचित अधिवक्ता गुलाबचंद्र और उसके दो साथी चार पहिया वाहन से मिले और दोनों को जौनपुर छोड़ देने की बात कहकर वाहन पर बैठा लिया था। आरोप है कि अयोध्या-प्रयागराज बाईपास पर ले जाकर अधिवक्ता के साथी धर्मेंद्र ने पीड़िता की मां को वाहन से उतरने को कहा और उसके उतरते ही आरोपी किशोरी को वाहन में बैठाकर भाग गए थे। पुलिस ने मामले में जौनपुर जिले के ताजुद्दीनपुर गांव निवासी धर्मेंद्र गौतम और नितिन के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया था। विवेचना में पुलिस ने अधिवक्ता गुलाबचंद्र को भी आरोपी बना दिया था। मंगलवार को जिला जज जय प्रकाश पांडेय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपराध गंभीर मानते हुए आरोपी गुलाबचंद्र की जमानत अर्जी खारिज कर दी।