वलीपुर (सुल्तानपुर)। क्षेत्र के लंगड़ी सरैया इब्राहिमपुर गांव में बृहस्पतिवार को सुबह रास्ते के विवाद में विपक्षियों के हमले से घायल मजदूर की मौत हो गई। घटना से नाराज परिजनों का गुस्सा शुक्रवार को भड़क उठा। परिजनों ने सरैया माफी मोड़ के पास शव सड़क पर रखकर हलियापुर-सुुल्तानपुर मार्ग जाम कर दिया। पुलिस ने किसी तरह जाम हटवाया। प्रदर्शन की जानकारी पर पहुंचीं एसडीएम को परिजनों ने ज्ञापन दिया। एसडीएम ने मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया। इसके बाद जाम खुल सका।
लंगड़ी सरैया इब्राहिमपुर गांव निवासी हरिशंकर यादव व संपतलाल के बीच रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि संपतलाल के पक्ष ने रास्ते की भूमि पर जबरन छप्पर रखकर कब्जा कर लिया था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में तनाव चल रहा था। बृहस्पतिवार को सुबह जब हरिशंकर ईंट-भट्ठे से लौट रहा था। तभी संपतलाल, विजय बहादुर, कर्मराज व बजरंगी ने उसे जमकर मारापीटा। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, वहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। शुक्रवार को पीएम के बाद परिजनों को शव मिला तो उनका गुस्सा भड़क उठा।
आक्रोशित परिजनों ने दोपहर करीब चार बजे शव को सरैया माफी मोड़ के पास सड़क पर रखकर सुल्तानपुर-हलियापुर मार्ग जाम कर दिया। प्रदर्शन की जानकारी होने पर एसडीएम बल्दीराय विदुषी सिंह मौके पर पहुंचीं। परिजनों ने रास्ते में रखे छप्पर को हटवाने की मांग की। इस पर सक्रिय पुलिस ने तत्काल जेसीबी लगवाकर छप्पर को हटवा दिया। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी व परिजनों की सुरक्षा की मांग की। साथ ही परिजनों को शासन से मिलने वाली सहायता राशि दिलाए जाने की मांग की गई। एसडीएम ने सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। करीब दो घंटे बाद परिजन अंतिम संस्कार को राजी हुए और जाम खुल सका।
सदमे में आया परिवार
हरिशंकर यादव की तीन संतानें हैं। वह मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। बड़ा पुत्र अरविंद, पुत्री बिंदू व सबसे छोटा पुत्र चांद बाबू है। पत्नी सुशीला समेत मृतक के अन्य परिजन इस घटना से सदमे हैं।