भदैंया (सुल्तानपुर)। अमेरिकी म्यूजिक टीचर और प्रोफेसर अपने भारतीय सहायक से घुल-मिलकर भारत में उसके घर अभियाकलां पहुंच गए। परिवार के साथ ही गांव वालों से भी विदेशी मेहमानों ने मुलाकात की। यहां के लोगों से मिलकर वह खुश नजर आईं। इस दौरान उन्होंने सेल्फी भी ली।
अभियाकलां निवासी सूरज प्रयागराज से एमबीए कर शारजाह में अमेरिकी विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर बन गए। दो साल में सूरज की सहायक इंग्लिश टीचर अमेरिकी ल्यूकस गोडले से मुलाकात अपनेपन व मित्रता में बदल गई। विद्यालय में ही म्यूजिक टीचर अमेरिकी लाइडिया शेफर्ड से भी वह घुल-मिल गए। इसके बाद सूरज ने भारतीय रहन-सहन, भोजन, संस्कृति के बारे में लाइडिया शेफर्ड व ल्यूकस गोडले को बताया तो उनके मन में भारत आकर यहां के लोगों से मिलने और घूमने का मन घर कर गया। छह जुलाई को सूरज और अमेरिकी टीचर लाइडिया शेफर्ड व प्रोफेसर ल्यूकस गोडले हवाई जहाज से मुंबई पहुंचे। वहां से गोवा घूमकर लखनऊ के रास्ते सात जुलाई को सूरज सोनी के घर अभियाकलां दोमुहां पहुंचे। यहां पर सियाराम सोनी ने अपने बेटे के साथ आए विदेशी मेहमान लाइडिया शेफर्ड व ल्यूकस गोडले का तिलक लगाकर स्वागत किया।
दोनों विदेशी मेहमान ने पूरे परिवार के साथ भोजन कर मजेदार बताया। दिनभर म्यूजिक टीचर लाइडिया शेफर्ड और ल्यूकस गोडल घर पर रहे। सूरज की बहनें रागिनी व चांदनी ने लाइडिया शेफर्ड को भारतीय साड़ी पहनाई और परिवार के साथ आसपास के लोगों से भी मिलीं। दोनों अमेरिकी मेहमान सूरज की दीदी रीना के घर प्रतापगढ़ पहुंचे और बेल्हा माई धाम तथा अयोध्या के दर्शन किए। दोनों मेहमानों ने सूरज के साथ घर पहुंचने पर उनके मम्मी-पापा के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। परिवार के साथ हिंदी में बातचीत की।