सुल्तानपुर। सड़क दुर्घटना के समय लक्जरी कार का एयर बैग न खुलने पर वाहन स्वामी ने एजेंसी व निर्माता कंपनी के खिलाफ जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर कर दिया। करीब नौ साल तक चली कानूनी लड़ाई के बाद फोरम ने वाहन स्वामी के पक्ष में फैसला सुनाया है। फोरम ने एजेंसी व निर्माता कंपनी को 16.20 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति वाहन स्वामी को देने का आदेश दिया है।
लंभुआ तहसील क्षेत्र के गोपालपुर मधैया मलिकापुर निवासी लालजी शुक्ल ने जनवरी 2014 में दुर्घटना रोधी लक्जरी वाहन (एक्स यूवी 500 डब्लू 8 टाॅप मॉडल) खरीदने के लिए मीत एसोसिएट प्राइवेट लिमिटेड अमहट से संपर्क किया था। एजेंसी से वाहन की कीमत 16.20 हजार रुपये बताई गई थी। लालजी ने 31 मार्च 2014 को निर्धारित रुपये देकर वाहन खरीदा था।
उस समय एजेंसी को ओर से लालजी को जानकारी दी गई थी कि वाहन में छह एअर बैग लगे हैं जाे दुर्घटना होने पर खुल जाएंगे और बैठे लोग सुरक्षित रहेंगे। छह फरवरी 2015 को रामगंज जाते समय महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज उतुरी के पास लालजी शुक्ल का वाहन दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो गया था।
दुर्घटना के समय वाहन का कोई भी एअर बैग नहीं खुला था। लालजी ने एजेंसी में वाहन पहुंचा दिया था। उन्होंने एजेंसी से वाहन की कीमत वापस करने या मानक के अनुरूप दूसरा वाहन देने की मांग की थी लेकिन एजेंसी की ओर से कोई कार्यवाही नहीं की गई।
विपक्षी की ओर से कहा गया कि वाहन में विनिर्माण संबंधी कोई कमी नहीं थी। लालजी ने 19 जून 2015 को एजेंसी के साथ ही महेंद्रा एंड महेंद्रा लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के खिलाफ जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया था। फोरम के अध्यक्ष रामलखन सिंह चंद्रौल व सदस्य भारत भूषण तिवारी ने परिवाद स्वीकार करते हुए विपक्षी को आदेश दिया है कि वह परिवादी को दो माह के अंदर 16.25 रुपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान करे।