सुल्तानपुर। अधिवक्ता हत्याकांड में फरार चल रहे मुख्य आरोपी सिराज अहमद और इस्माइल उर्फ प्रिंस पुलिस के हाथ नहीं आ रहे हैं। बार-बार लोकेशन बदलने के कारण पुलिस उन तक नहीं पहुंच पाई है। अभी तक इन दोनों के घरों के कुर्की आदेश भी हासिल नहीं कर पाई है।
इन दोनों पर एडीजी जोन ने इनाम की राशि 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी है। उधर, इस मामले में पुलिस कप्तान ने सख्त रवैया अपनाते हुए कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया है।
इस हत्याकांड व सिराज अहमद के बढ़ते आपराधिक रसूख के पीछे भले ही पुलिस के अलावा राजस्व विभाग की भी लापरवाही रही हो, सत्तारूढ़ दल के नेताओं से भी उसकी सांठ-गांठ ने उसे अपराध की दुनिया में ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया हो लेकिन हत्याकांड के बाद से पुलिस ही निशाने पर है।
खासकर अभी तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पुलिस पर काफी दबाव है। हालांकि एसटीएफ भी पूरी ताकत से इन दोनों की तलाश में लगी है। किंतु लगातार लोकेशन बदलने के कारण दोनों ही शातिर अभी पुलिस या एसटीएफ के हाथ नहीं आए हैं।
माना जा रहा है कि यदि कोतवाली देहात की पुलिस शुरू से शिकंजा कस देती तो शायद सिराज आज पुलिस की गिरफ्त में होता। ऐसे ही गोकशी के मामले में भी कोतवाली देहात पर सवाल उठते रहे हैं। यह देखते हुए बुधवार को पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। उनके स्थान पर हालांकि अभी तक किसी को चार्ज नहीं दिया गया है।