सुल्तानपुर। अयोध्या-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग बुधवार की देर रात ई-रिक्शा को तेज रफ्तार ट्रक ने रौंद दिया। हादसे में ई-रिक्शा पर सवार दो कलाकारों के साथ ही चालक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि सात कलाकार घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे की सूचना मिलने पर सुल्तानपुर और अमेठी के डीएम व एसपी ने जिला अस्पताल में भर्ती घायलों से मिलकर उनके इलाज के बारे में सीएमएस से बात की।
कोतवाली नगर क्षेत्र के वल्लीपुर निवासी रोहित निषाद ने रामलीला की मंडली बना रखी है। उनकी मंडली बुधवार को ई-रिक्शा से प्रतापगढ़ में रामलीला मंचन के लिए गई थी। देर रात करीब ढाई बजे मंचन समाप्त हुआ। उसके बाद पूरी मंडली ई-रिक्शा से सुल्तानपुर लौट रही थी। रास्ते में अमेठी के रामगंज क्षेत्र के त्रिसुंडी गांव के पास तेज रफ्तार ट्रक ई-रिक्शा को रौंदते हुए आगे निकल गया। तेज आवाज और चीख-पुकार सुनकर दुर्घटना स्थल के पास बैंक ड्यूटी में तैनात दो होमगार्ड भागकर वहां पहुंचे तो देखा कि ई-रिक्शा के परखच्चे उड़ चुके थे। उस पर सवार लोग इधर-उधर सड़क पर लहूलुहान पड़े थे। सूचना पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने सभी 10 लोगों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल सुल्तानपुर पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने अजय धरकार (32) निवासी खैराबाद, राहुल (19) और ई-रिक्शा चालक राजेंद्र (18) निवासी करौंदिया ढकवा कोतवाली नगर को मृत घोषित कर दिया।
रामलीला के कलाकार रोहित निषाद (18) निवासी वल्लीपुर, लक्खू निषाद (19) निवासी गोलाघाट, शुभम (12) पुत्र सूरज निषाद निवासी वल्लीपुर, राजवंत (18) निवासी रतनपुर, राधा सोनी (26) निवासी चोपड़ा गली, सुल्तानपुर, विपिन (16) पुत्र श्याम सुंदर निवासी मथुराडीह जलालपुर, अंबेडकर नगर, कुमकुम सिंह (18) पुत्री ओम प्रकाश निवासी तरबगंज साजीपुर, गोंडा को भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। रात में ही सीएमएस डॉ. एससी कौशल इमरजेंसी में पहुंचे और घायलों का हाल जाना। बृहस्पतिवार सुबह डीएम रवीश गुप्ता व एसडीएम विदुषी सिंह ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल लिया। इसके बाद पहुंचे अमेठी के डीएम व एसपी ने घायलों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। पुलिस के मुताबिक ई-रिक्शा को रौंदने के बाद चालक ट्रक के साथ भाग निकला। उसके बारे में जानकारी की जा रही है।
लापरवाही की हद : ई-रिक्शा पर 10 सवारी
ई-रिक्शा पर 10 लोग सवार थे। घायलों ने बताया कि ई-रिक्शा पर चालक समेत तीन लोग आगे बैठे थे। चालक के ठीक पीछे की सीट पर चार लोग और उसके सामने वाली सीट पर तीन लोग सवार थे। ई-रिक्शा से प्रतापगढ़ तक जाने और फिर लौटने के बीच कहीं किसी पुलिस कर्मी ने रोका-टोका तक नहीं।
बिहार तक जाते थे रामलीला करने
अजय धरकार और राहुल के लिए बुधवार की रात हुई रामलीला अंतिम साबित हुई। अजय धरकार ने कुछ साल पहले रामलीला की मंडली बनाई थी। उनके परिचित और दोस्त इस मंडली से जुड़े थे। मंडली का जिम्मा रोहित ने संभाल रखा था। बुधवार को सभी हंसी-खुशी रामलीला मंचन के लिए प्रतापगढ़ रवाना हुए थे। रामलीला में वहां इन कलाकारों ने राधा-कृष्ण की झांकी निकाली। उसके बाद सभी सुल्तानपुर लौट रहे थे। अस्पताल में भर्ती घायल रोहित ने बताया कि अचानक त्रिसुंडी के पास यह हादसा हो गया। रामलीला मंचन के लिए सभी बिहार, आजमगढ़, अकबरपुर व प्रतापगढ़ तक जा चुके हैं। आमतौर पर एक बुकिंग पर करीब 20 से 25 हजार रुपये मिलते हैं। ये रुपये खर्च काटने के बाद कलाकारों में बांट दिए जाते हैं।