सुल्तानपुर। बिजली कटौती व पानी की समस्या को लेकर सड़क जामकर प्रदर्शन करने के मामले में अपील खारिज होने के बाद शुक्रवार को आप सांसद संजय सिंह व सपा के पूर्व विधायक अनूप संडा ने प्रभारी मजिस्ट्रेट से समर्पण करने के लिए मौका मांगा। सांसद ने राज्यसभा सत्र चलने और पूर्व विधायक ने पत्नी के बीमार होने के आधार पर समर्पण के लिए अन्य तिथि नियत करने की मांग की। एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट की प्रभारी एसीजेएम मुक्ता त्यागी ने मामला पीठासीन अधिकारी के सामने पेश करने का आदेश दिया है।
शहर में हो रही बिजली कटौती व पानी की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और सपा के पूर्व विधायक अनूप संडा समेत अन्य लोगों ने 19 जून 2001 को कोतवाली नगर क्षेत्र के गभड़िया ओवरब्रिज के उत्तरी छोर के पास सड़क जामकर प्रदर्शन किया था। पुलिस ने संजय सिंह व अनूप संडा समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। 11 जनवरी 2023 को एमपी-एमएलए की विशेष मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सांसद संजय सिंह, पूर्व विधायक अनूप संडा, शहर कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता संतोष चौधरी, पूर्व सभासद कमल श्रीवास्तव, पूर्व नामित सभासद विजय सेक्रेटरी व सुभाष चौधरी को दोषी मानते हुए तीन-तीन माह की कैद व प्रत्येक को डेढ़-डेढ़ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
सांसद व पूर्व विधायक समेत सभी दोषियों ने सेशन कोर्ट में अपील दायर कर सजा को चुनौती दी थी। बीती छह अगस्त को एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट की एडीजे एकता वर्मा ने सांसद संजय सिंह व पूर्व विधायक अनूप संडा समेत सभी छह दोषियों की अपील खारिज कर मजिस्ट्रेट कोर्ट की सजा बहाल कर दी थी। साथ ही सभी को नौ अगस्त को मजिस्ट्रेट कोर्ट में समर्पण करने का आदेश दिया था।
शुक्रवार को सांसद संजय सिंह के अधिवक्ता ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि राज्यसभा सत्र चलने के कारण 15 दिन के लिए मौका दिया जाए। सपा के पूर्व विधायक अनूप संडा की ओर से अर्जी देकर कहा गया कि पत्नी के बीमार होने के कारण वे हाजिर नहीं हो पा रहे हैं। चार अन्य दोषियों की ओर से भी स्वास्थ्य ठीक नहीं होने का हवाला देते हुए मौका देने की मांग की गई। एमपी-एमएलए की विशेष मजिस्ट्रेट कोर्ट की प्रभारी एसीजेएम प्रथम मुक्ता त्यागी के सामने मामला पेश किया गया। उन्होंने प्रकरण पीठासीन अधिकारी के सामने पेश करने का आदेश दिया है।