अमेठी। क्षेत्राधिकारी मुसाफिरखाना पर लगे रेप के आरोप की तफ्तीश महज कॉल डिटेल के इर्द-गिर्द सिमट कर रह गई है। हालत यह है कि आरोपी सीओ से पुलिस पूछताछ तक नहीं कर रही है। इस प्रकरण में विवेचक सहित अधिकारी सीधा जवाब देने से कतरा रहे हैं। किशोरी से रेप जैसे गंभीर मामले को जांच के नाम पर उलझाने जैसी कोशिशें को रही हैं। पुलिस की अब तक की जांच महज कॉल डिटेल खंगालने तक सिमटी है। ताजा कोशिश कॉल डिटेल से लोकेशन के जरिए किशोरी की ओर से लगाए गए आरोपों को झूठा साबित करने की दिशा में चल रही है। जांच से जुड़े किसी भी सवाल का सीधा जवाब न देने वाली पुलिस का पूरा ध्यान किशोरी की कमजोरियां तलाशने पर है। शायद यही वह वजह है कि सीओ के बारे में पूछे गए किसी भी सवाल पर कन्नी काटने वाली पुलिस किशोरी के मोबाइल की लोकेशन व समय को तहरीर में दिए गए समय से भिन्न होने की बात बताती है। विवेचक ही नहीं अधिकारी भी किशोरी को गलत और आरोपी सीओ को सही साबित करने में जुटे हैं। स्थिति यह है कि अब तक आरोपी सीओ से पूछताछ नहीं की गई। हालांकि मामले की विवेचना कर रहे एएसपी मुन्नालाल ने जांच में पक्षपात और ढिलाई के आरोप को सिरे से खारिज किया। कहा घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।