सुल्तानपुर। 14 से 18 अक्तूबर तक चलने वाले जिले के ऐतिहासिक दुर्गापूजा महोत्सव पर बिगड़े मौसम की मार पड़ रही है। बीते तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश की वजह से सजाए गए पंडालों को संभालने में पूजा समितियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। भीगने की वजह से पंडालों के कीमती कपड़ों ने अपनी चमक खो दी है। हर साल जहां पहले दिन से ही 50 हजार से अधिक लोग शहर पहुंचते हैं वहीं इस बार मेलार्थियों की संख्या काफी कम हो गई है। पहले दिन हुई हल्की बरसात के बाद पंडालों को ढकने के लिए पॉलीथिन (पन्नी) की व्यवस्था की गई। हवा के साथ हो रही बरसात की वजह से प्लास्टिक की जगह व्यवस्थापकों ने तिरपाल की व्यवस्था कर पंडाल ढक दिए। ऐसे में महोत्सव की भव्यता भी कम हो गई है। हालांकि अभी तक बरसात से देवी मूर्तियों पर कोई असर नहीं पड़ा है। वहीं, खराब मौसम के चलते मेलार्थियों की संख्या तिहाई से भी कम हो गई है। मौसम की वजह से पहले तीन दिन का मेला फीका ही रहा। मेलार्थियों के घटने से छोटे-बड़े व्यापारियों पर सीधे असर पड़ा है। ठेला व पटरी दुकानदार बारिश से बचने के लिए प्लास्टिक आदि का जतन कर रहे हैं तो मेलार्थियों की संख्या कम होने से उनकी आमदनी पर भी फर्क पड़ रहा है। महोत्सव के दौरान मौसम खराब होने से प्रशासनिक अमला राहत महसूस कर रहा है। चौराहों पर लगे कैंप के अधिकारियों की मानें तो जिले में मेलार्थियों की संख्या कम होने से पुलिस को संदिग्ध पर नजर रखने में आसानी हो रही है। हालांकि मौसम साफ होने के बाद मेलार्थियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।