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58 हजार अपात्र ले रहे थे सम्मान निधि

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सुल्तानपुर। फर्जीवाड़ा कर जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लेे रहे 58,557 अपात्र किसानों से 78,72,000 रुपये की वसूली की गई है। अभी तक वसूली के दायरे में आने वाले अपात्र किसानों में आयकर दाता शामिल हैं। इन किसानों ने अपात्र होने के बावजूद प्रधानमंत्री किसान सम्मान की निधि हथिया ली थी। वसूली की कार्रवाई से अपात्र किसानों में खलबली मची है। कृषि विभाग के पोर्टल पर कुल 4,39,001 किसान पंजीकृत हैं।
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किसानों को राहत पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई है। इसमें किसानों के खाते में प्रत्येक वर्ष दो-दो हजार रुपये की तीन किस्त भेजी जाती है। इससे किसानों को खेती-किसानी का कार्य कराने में काफी राहत मिलती है। जिले में कृषि विभाग के पोर्टल पर जिले के 4,39,001 किसान पंजीकृत हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में फर्जीवाड़ा होने व अपात्र किसानों की ओर से धनराशि लेने का मामला सामने आने के बाद सरकार ने इसका सत्यापन कराया है। सत्यापन में बड़ी संख्या में अपात्र किसानों के योजना का लाभ लेने की बात सामने आई है।
सरकार ने अपात्र होने के बावजूद धनराशि लेने वाले किसानों को रुपया वापस करने का मौका दिया था। कुछ किसानों ने कार्रवाई के डर से करीब 20 लाख रुपये कृषि विभाग को सरेंडर कर दिया था। कुछ किसानों के खिलाफ वसूली के लिए आरसी भी जारी की गई थी। वसूली के दायरे में आयकरदाता किसान शामिल हैं। इसके अलावा धनराशि सरेंडर करने वालों में ज्यादातर आयकर दाता के साथ ही पेंशनर व नौकरी पेशा से जुड़े किसान शामिल हैं। अकेले करीब 13 लाख रुपये आयकर दाताओं ने ही सरेंडर किया है। कृषि विभाग के मुताबिक अभी तक अपात्र किसानों से 78,72,000 रुपये की वसूली की जा चुकी है। वसूली की कार्रवाई से अपात्र किसानों में खलबली मची है।
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30 जून तक चला था सोशल ऑडिट
प्रधानमंत्री किसान सम्मान की धनराशि लेने वाले किसानों की सोशल ऑडिट कराई गई है। जिले में पिछले 10 मई से शुरू हुआ सोशल ऑडिट का कार्य 30 जून तक चला था। इसमें कृषि विभाग के कर्मचारी, संबंधित क्षेत्र के लेखपाल और पंचायत सचिव (सेक्रेटरी) शामिल थे। सोशल ऑडिट के कार्य में शामिल कर्मचारी निर्धारित तिथि पर गांवों में जाकर किसान सम्मान निधि की धनराशि लेने वाले किसानों की सूची चस्पा कर रहे थे और इसमें से पात्र व अपात्र की छंटनी कर रहे थे।
70,450 किसानों के भूलेख का नहीं हो पाया सत्यापन
शासन ने पिछले दिनों प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े किसानों के भूलेख का सत्यापन कराने का आदेश दिया था। शासन के आदेश पर जिले में किसानों के भूलेख का सत्यापन कराया जा रहा है। पंजीकृत 4,39,001 किसानों में से 3,68,551 किसानों के भूलेख का सत्यापन हो चुका है। अभी भी 70,450 किसानों के भूलेख का सत्यापन नहीं हो पाया है। जिन किसानों के भूलेख का सत्यापन नहीं हुआ है, उनकी सम्मान निधि रुक गई है।
कराया जा रहा भूलेख सत्यापन
कृषि विभाग के पोर्टल पर दर्ज सभी किसानों का भूलेख सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन में अपात्र पाए गए किसानों का नाम इस योजना से हटा दिया जाएगा। किसान सम्मान निधि की धनराशि वापस नहीं करने वाले किसानों से वसूली की जा रही है। -सदानंद चौधरी, जिला कृषि अधिकारी
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