कूरेभार (सुल्तानपुर)। जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल 14 दिन के अंदर गन्ना मूल्य का भुगतान करने के शासन के निर्देश पर खरी नहीं उतर पा रही है। किसानों का चीनी मिल पर 4.88 करोड़ बकाया है। गन्ने का मूल्य न मिलने से खेतीबाड़ी का काम प्रभावित हो रहा है, इससे गन्ना किसानों में रोष है।
कूरेभार ब्लॉक के सैदपुर गांव स्थित किसान सहकारी चीनी मिल पेराई सत्र 2022-23 के चार करोड़ 88 लाख 56 हजार रुपये का भुगतान किसानों को नहीं कर पाई है। शासन ने 14 दिन के अंदर गन्ना किसानों का पेमेंट उनके खातों में भेजने का निर्देश दिया है। किसान सहकारी चीनी मिल को बंद हुए दो महीने 10 दिन बीत गए हैं लेकिन अभी तक गन्ना किसानों का पैसा उनके खातों में नहीं पहुंच पाया है।
इस समय खेतीबाड़ी का काम जोरों पर है। किसान धान की रोपाई करने के लिए खेत तैयार कर रहे हैं। इसके साथ ही गन्ने की बुआई कर चुके किसानों को फसल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निराई-गुड़ाई व उर्वरकों के साथ रोगों से रोकथाम के लिए दवाओं की आवश्यकता है। इसमें पैसे की कमी आड़े आ रही है।
किसान सहकारी चीनी मिल आठ लाख 86 हजार 361 क्विंटल गन्ने की पेराई करने के बाद 23 मार्च को बंद हो गई थी। किसानों का कुल गन्ना मूल्य 30 करोड़, 84 लाख, 73 हजार रुपये हुआ था। इसमें से चीनी मिल ने 25 करोड़, 96 लाख, 17 हजार रुपये का भुगतान कर दिया जबकि चार करोड़, 88 लाख, 56 हजार रुपये का भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है।
शासन को भेजा गया मांगपत्र
गन्ना किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करने के लिए शासन को मांग पत्र भेजा गया है। रुपया मिलते ही गन्ना किसानों के खातों में भेज दिया जाएगा।
-प्रताप नारायण, जीएम, किसान सहकारी चीनी मिल