श्रीनारायण मिश्र
सुल्तानपुर। बहुचर्चित अधिवक्ता हत्याकांड में एक लाख के फरार इनामी सिराज अहमद और उसके साथियों के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। करीब 450 पन्नों के इस आरोप पत्र में बेहद संजीदगी के साथ अधिवक्ता की सरेआम हत्या और उसके भाई पर जानलेवा हमले का चार्ज लगाया गया है।
अधिवक्ता आजाद अहमद और उनके भाई मुनव्वर पर छह अगस्त की रात भुलकी चौराहे पर हमला गोलियों से हमला कर दिया गया था। इसमें आजाद अहमद की मौत हो गई थी और मुन्नवर बुरी तरह घायल हो गए थे। इस मामले में आजाद अहमद के पिता की तहरीर सिराज अहमद, इस्माइल उर्फ प्रिंस समेत अन्य के खिलाफ कोतवाली देहात में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें सिराज को छोड़कर बाकी आरोपी गिरफ्तार भी हो चुके हैं, लेकिन एक लाख का इनामी सिराज अब तक पुलिस व एसटीएफ को चकमा दे रहा है।
हाईप्रोफाइल हो चुके इस मामले में पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल करने के लिए व्यापक तैयारी की। केस दर्ज होने के 90 दिन के भीतर चार्जशीट दायर होनी चाहिए, लेकिन पुलिस ने 87 दिन तक आरोपपत्र को लेकर तैयारी की। इसमें कई तरह के विधि एवं फोरेंसिक विशेषज्ञों आदि की मदद ली गई, ताकि अपराधी को कोई लाभ न पहुंच सके। पूरी तैयारी के बाद बुधवार को 88वें दिन कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक श्यामसुंदर ने करीब 450 पन्नों की चार्जशीट सीजेएम सपना त्रिपाठी की कोर्ट में पेश की।
अपराधी को नहीं देंगे कोई मौका
पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मामला था। इसलिए पुलिस ने हर पहलू से व्यापक तैयारी की है। फरार आरोपी सिराज अहमद से जुड़े सूत्र भी खंगाले जा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही वह पकड़ में होगा।
प्रिंस ने नहीं उगला सिराज का राज
कोतवाली देहात पुलिस ने सिराज के बेहद करीबी साथी इस्माइल उर्फ प्रिंस को 14 दिन की रिमांड पर लेकर कड़ी पूछताछ की। लेकिन इसके बावजूद प्रिंस ने सिराज अहमद से जुड़ा कोई खास राज पुलिस के सामने नहीं उगला। जबकि पुलिस को काफी उम्मीद थी कि प्रिंस से पूछताछ से सिराज तक पहुंचना आसान हो जाएगा।