कादीपुर (सुल्तानपुर)। बिना एएनएम कोर्स की मान्यता के कॉलेज प्रशासन ने 40 छात्राओं से 16 लाख रुपये लेकर उन्हें प्रवेश दे दिया। छह माह बाद जानकारी होने पर छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन से जमा की गई फीस वापस मांगी तो उन्हें धमकी मिलने लगी।
पीड़ित छात्राओं ने डीएम से मुलाकात कर उनके सामने पूरी बात रखी। डीएम के आदेश पर शनिवार को छात्राओं की तहरीर पर सार्थक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस पडेला के प्रबंधक समेत तीन पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
कादीपुर क्षेत्र के सार्थक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस पडेला में पूजा वर्मा समेत 40 छात्राओं ने एएनएम का कोर्स करने के लिए आठ माह पूर्व प्रवेश लिया था। छात्राओं के अनुसार प्रवेश के छह माह बाद अध्यापकों ने उन्हें बताया कि संस्थान को एएनएम कोर्स की मान्यता नहीं मिली है।
छात्राओं ने जब पंजीकरण की बात की तो संस्था के प्रबंधक श्रवण मिश्र, योगेंद्र और नंदलाल यादव ने आश्वासन दिया था कि सभी का पंजीकरण किसी दूसरे संस्थान में करा देंगे। छात्राओं के मुताबिक प्रबंधक ने यह भी कहा था कि जो छात्राएं अपनी फीस वापस लेना चाहें, ले सकती हैं।
छात्राओं ने जमा की गई फीस वापस करने की मांग की तो उन्हें प्रबंधक धमकी देना शुरू कर दिए। पीड़ित छात्राओं ने डीएम जसजीत कौर से मुलाकात कर आपबीती सुनाई। डीएम के आदेश पर शनिवार को कादीपुर कोतवाली में प्रबंधक श्रवण मिश्र समेत तीन के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
धोखाधड़ी की शिकार एएनएम प्रथम वर्ष की छात्रा वंदिता मिश्रा, ममता, पूजा वर्मा, अर्पिता, डिंपल यादव, सुप्रिया पाल, कुमकुम, रंजना, रेशमा निषाद, चांदनी कुमारी, सीमा यादव, दीक्षा, विनीता नाग, अनीता निषाद, पायल व प्रियंका यादव ने कॉलेज प्रबंधक पर केस दर्ज कराया है।
एएनएम का कोर्स करने वाली छात्रा पूजा वर्मा ने बताया कि 40 छात्राएं धोखाधड़ी की शिकार हुई हैं। पूजा के अनुसार एएनएम की पढ़ाई के लिए उससे 40 हजार रुपये फीस और पांच सौ रुपये फाॅर्म के लिए गए।
एएनएम की मान्यता पत्रावली शासन में लंबित
पिछले दो वर्षों से एएनम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग की मान्यता के लिए आवेदन किया गया था जिसमें जीएनएम व बीएससी नर्सिंग की मान्यता मिल चुकी है। एएनएम की मान्यता पत्रावली शासन में लंबित है। प्रवेश के समय छात्राओं को बताया गया था कि अभी मान्यता नहीं है। बच्चों ने यह कहकर प्रवेश लिया था कि हमारा प्रवेश कर लिया जाए, मान्यता न मिलने पर पैसा वापस कर दिया जाए। सभी छात्राओं का पैसा वापस कर दिया गया है। छात्राएं संतुष्ट हैं। मेरे विरोधियों ने राजनीतिक साजिश के अंतर्गत कुछ छात्राओं से झूठी शिकायत कराई है। शिकायत पूरी तरह से निराधार है।
-श्रवण मिश्र, प्रबंधक, सार्थक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस पडेला