सुल्तानपुर। अंबेडकरनगर रोड से प्रयागराज की तरफ जाने वाले लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अंबेडकरनगर और प्रयागराज रोड को सीधे जोड़ने वाले देवारघाट पुल के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने 28.86 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए हैं। इस पुल के बन जाने से करीब 25 किलोमीटर का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब कुशनगरी का भी महत्व बढ़ने वाला है। इसलिए अब प्रदेश सरकार यहां से आवागमन से लेकर गोमती नदी के घाटों के सौंदर्यीकरण का भी काम कर रही है। इसी कड़ी में इस पुल को स्वीकृति दी गई है। 1964 में बना पांच मीटर चौड़ा यह पुल बेहद जर्जर हो गया है। इस वजह से इस पर से भारी वाहनों का आना-जाना कई साल से बंद चल रहा है।
केवल छोटी कारें और दो पहिया वाहन ही इधर से गुजरते हैं। बाकी वाहनों को कादीपुर या लंभुआ के धोपाप से होकर गुजरना पड़ता है। इस वजह से अंबेडकरनगर रोड और प्रतापगढ़ रोड के बीच की दूरी करीब 25 किलोमीटर बढ़ जाती है।
ऐसे में पुल निर्माण को लेकर लंबे समय से मांग चली आ रही है। कादीपुर विधायक राजेश गौतम ने लोक निर्माण विभाग को इसके निर्माण का प्रस्ताव भेजा था। अब इसे मंजूरी देते हुए शासन ने पहली किस्त के तौर पर 10.10 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दे दी है। उधर, लोक निर्माण विभाग ने इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं और सेतु निगम से भी निर्माण की प्रक्रिया आरंभ करने के लिए कहा गया है।
इन क्षेत्रों के हजारों लोगों को होगी सहूलियत
पुल बनने से जिले की दो तहसीलों कादीपुर और लंभुआ के चांदा कस्बा व कोइरीपुर के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा प्रतापगढ़ के पट्टी तहसील के सैकड़ों गांवों की लाखों की आबादी की आवागमन की समस्या का समाधान भी हो जाएगा। प्रतापगढ़ से अंबेडकरनगर जाने वालों को भी काफी सहूलियत होगी
दो विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ता है पुल
देवारघाट पुल लंभुआ और कादीपुर विधानसभा क्षेत्र को जोड़ने वाला पुल है। ऐसे में पुल के निर्माण के लिए भले ही कादीपुर विधायक राजेश गौतम ने पत्राचार किया हो लेकिन लंभुआ विधायक सीताराम वर्मा ने भी इसकी पैरवी की थी। विधायक सीताराम वर्मा कहते हैं कि पुल के लिए बजट आवंटित करके मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री ने बड़े पैमाने पर सुल्तानपुर से लेकर आसपास के जिले के लोगों को राहत दी है।