सुल्तानपुर। आतंकी गतिविधियों को देखते हुए जिले में बिना मान्यता के संचालित 26 मदरसों को शासन के आदेश पर बंद करा दिया गया है। अब इन मदरसों में पढ़ रहे करीब ढाई हजार छात्रों का दाखिला बेसिक स्कूलों में कराया जाएगा। इसके लिए डीएम ने अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम का गठन कर दिया है। मंगलवार से टीम कार्य शुरु कर देगी।
प्रदेश के कई जिलों में बिना मान्यता के संचालित हो रहे मदरसों में विदेशी फंडिंग का मामला सामने आने पर शासन ने बिना मान्यता के संचालित मदरसों को अवैध करार देते हुए उन्हें खोजकर बंद कराने का आदेश दिया था। आदेश पर प्रशासन की ओर से गठित की गई टीम की जांच में जिले में 26 मदरसे बिना मान्यता के संचालित होते पाए गए थे। हालांकि इन मदरसों के संचालन में विदेशी फंडिंग के मामले को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने खारिज कर दिया है।
रिपोर्ट पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने इन मदरसों का संचालन बंद करा दिया है। इन मदरसों में करीब ढाई हजार छात्र पढ़ रहे थे। बिना मान्यता वाले मदरसों में शिक्षा ले रहे छात्रों को शासन ने बेसिक विभाग के स्कूलों में प्रवेश कराने का निर्देश दिया है। निर्देश पर जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना ने संबंधित तहसील के उप जिलाधिकारियों के नेतृत्व में अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है। इसमें संबंधित तहसीलों के एसडीएम के साथ ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को रखा गया है। टीमों को मदरसों के छात्रों का दाखिला बेसिक स्कूलों में कराने का निर्देश दिया गया है।
सदर तहसील में सर्वाधिक बिना मान्यता के मदरसे
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुनीता देवी ने बताया कि सबसे ज्यादा बिना मान्यता के मदरसे सदर तहसील में पाए गए हैं। मंगलवार से टीम मदरसों के छात्रों का बेसिक स्कूलों में प्रवेश दिलाने का कार्य शुरु करेगी।