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Sultanpur News: 2650 चिह्नित दुकानदारों के सापेक्ष वेंडिंग जोन में बन रहीं 350 दुकानें

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सुल्तानपुर। शहर में जाम की समस्या को देखते हुए बनाए जा रहे वेंडिंग जोन में करीब 2300 ठेला-पटरी दुकानदारों को जगह नहीं मिल सकेगी। जोन में सिर्फ 350 दुकानों के बेस का ही निर्माण हो पा रहा है। इसकी वजह से विभिन्न मार्गों पर ठेला व पटरी दुकानदारों को जगह नहीं मिलने से शहर में जाम की समस्या दूर होने के आसार कम ही हैं।
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शहर में अमहट-बस स्टेशन पर स्थित सब्जी मंडी, चौक समेत अन्य मार्गों पर ठेला व पटरी दुकानों के कारण जाम की समस्या आए दिन बनी रहती है। दो मार्गों के चौड़ीकरण से शहर में पटरी दुकानदारों के लिए जगह नहीं बची है। इसकी वजह से मौजूदा समय में पटरी व ठेला दुकानदार चौड़ी की गई सड़क के किनारे ही अपनी दुकान लगा रहे हैं।
इसे देखते हुए सांसद मेनका गांधी के हस्तक्षेप पर शहर में जीआईसी के पीछे वेंडिंग जोन का निर्माण कराया जा रहा है। वेंडिंग जोन निर्माण के पहले शहर में प्रशासन व पालिका की ओर से कराए जा रहे संयुक्त सर्वे में करीब 2650 ठेला व पटरी दुकानदार पाए गए हैं। सर्वे के बाद वेंडिंग जाने में ठेला व पटरी दुकानदारों को स्थान देने के लिए सांसद निधि से करीब 39 लाख, शहर विधायक की निधि से करीब 37 लाख व एमएलसी की निधि से करीब 27 लाख रुपया आवंटित किया गया है।
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आरईडी की ओर से कराए जा रहे वेंडिंग जोन निर्माण में करीब 350 दुकानों का बेस ही बन पा रहा है। इन दुकानों के सापेेक्ष दुकानदारों की संख्या अधिक होने से सभी को स्थान नहीं मिल सकेगा। प्रशासन व पालिका की ओर से शेष दुकानदारों को शिफ्ट करने के लिए अभी तक कोई योजना भी नहीं बनाई गई है।
इसे देेखते हुए शहर में सड़क की पटरी से ठेला व पटरी दुकानों के हटने के आसार फिलहाल कम ही हैं। पटरी पर दुकानें लगने से शहर में जाम की समस्या कायम रहेगी। दुकानें नहीं हटने से लोगों को जाम की समस्या से दो-चार होना पड़ेगा।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता आलोक सिंह ने बताया कि वेंडिंग जोन में सांसद निधि से दुकानों का बेस बनाया जा रहा है। शहर विधायक की निधि से नाले को ढंका जा रहा है। एमएलसी की निधि से दो हाईमास्ट लाइट व प्रसाधन का निर्माण कराया जा रहा है। वेंडिंग जोन में आवाजाही के लिए इंटरलॉकिंग भी कराई जा रही है। बताया कि करीब 350 दुकानों का बेस बनाने का लक्ष्य रखा गया है। करीब 70 फीसदी कार्य पूरा हो गया है।
नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी श्यामेंद्र मोहन ने बताया कि दुकानों के बेस आवंटन का अभी कोई मसौदा तैयार नहीं किया गया है। शेष दुकानदारों को जगह देने के लिए भी कोई योजना नहीं बनाई गई है। प्रशासन के निर्देश के मुताबिक व्यवस्था की जाएगी।
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