सुल्तानपुर। मत्स्य व्यवसाय से जुड़े जिले के 1500 मछुआरों को दुर्घटना बीमा का लाभ मिलेगा। सरकार ने इसके लिए कवायद शुरू कर दी है। हादसे का शिकार होने पर ढाई लाख और अनहोनी होने पर पांच लाख रुपये बीमा राशि मिलेगी। पहले केवल मत्स्य पालक के लिए ही यह योजना थी। अब इस कारोबार से जुड़े हर व्यक्ति को लाभ मिलेगा। विभाग में मत्स्य पालन का व्यवसाय करने वाले 115 लोगों ने दुर्घटना बीमा के लिए आवेदन किया है।
आय बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार हर वर्ग के लोगों के रोजगार को बढ़ावा देने के प्रयास में है। इसमें मछुआ समुदाय के लोगों को सरकार मत्स्य पालन पर पहले अनुदान दे रही थी। इसके बाद यह योजना सभी वर्ग के लिए लागू कर दी गई। पहले केवल मछुआ समुदाय के व्यक्ति का बीमा होता था। इस बार सरकार ने मछली के कारोबार से जुड़े हर व्यक्ति का बीमा कराने की कवायद शुरू कर दी है। शासन ने योजना को पूरी तरह से निशुल्क रखा है। इसके लिए कोई धनराशि नहीं देनी होगी।
मत्स्य पालन विभाग स्वयं बीमा कराने की प्रक्रिया पूरी करेगा और शासन की ओर से उसका बीमा शुल्क जमा होगा। भविष्य में कोई अप्रिय घटना घटित होने के बाद परिवार को आर्थिक सहायता मिलेगी। इसमें मछली के कारोबार से जुड़े व्यक्ति को विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। मत्स्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अभी तक 115 लोगों ने बीमा के लिए आवेदन किया है।
मछुआ समुदाय की आबादी एक लाख
मत्स्य विभाग के पूर्व प्रभारी मत्स्य अधिकारी वीएन तिवारी ने बताया कि जिले में मछुआ समुदाय की आबादी करीब एक लाख है। ये लोग पट्टे पर तालाब, पोखरा में मछली पालन के साथ ही नदी आदि में मछली पकड़कर बेचते हैं। इसी पर उनके परिवार की जीविका आधारित है। इसके अलावा अन्य जाति के लोग भी मछली के कारोबार में लगे हैं।
दायरे में आएंगे ये लोग
मत्स्य पालन से जुड़े इन लोगों को दुर्घटना बीमा का लाभ मिल सकेगा। इसमें मछली पकड़ने वाले, खरीद कर बेचने वाले, गांव में घूमकर बेचने वाले, तालाब में जाल से निकालने वाले, मंडी में लाकर दुकान लगाकर बेचने वाले, तालाब से निकाल कर नियमित विभिन्न बाजारों में सप्लाई करने वाले लोग शामिल हैं। इसके साथ ही तालाब और पोखरे में खुद पालन करने वाले लोग बीमा के दायरे में आएंगे।
आवेदन के साथ लगने वाले अभिलेख
दुर्घटना बीमा के लिए आवेदन में आवेदक का नाम, जाति, लिंग, ब्लॉक, जिला, आधारकार्ड नंबर, बैंक पासबुक की छाया प्रति, बैंक शाखा का नाम, मोबाइल नंबर, कार्य करने का प्रकार आदि ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में देना होगा। उसमें एक पासपोर्ट साइज फोटो भी लगेगा।
निशुल्क होगा बीमा
मछली के कारोबार से जुड़े व्यक्ति का निशुल्क बीमा होगा। पहले यह योजना मछुआ समुदाय के लोगों के लिए थी। अब मछली के कारोबार से जुड़ा कोई भी व्यक्ति बीमा करा सकता है। बीमा के लिए प्रीमियम की धनराशि सरकार स्वयं वहन करेगी।
-रमाकांत पांडेय, जिला मत्स्य पालन अधिकारी