अखंडनगर (सुल्तानपुर)। थाना क्षेत्र अखंडनगर के बनरहा सिरखिनपुर में रविवार रात शादी समारोह में दूल्हा-दुल्हन समेत 100 घराती-बराती फूड प्वॉइजनिंग के शिकार हो गए। उल्टी-दस्त शुरू होने पर ग्रामीणों ने सभी को सीएचसी पहुंचाया। बेड कम पड़ने पर 56 लोगों को जौनपुर भेज दिया गया। दूल्हा-दुल्हन की हालत ठीक होने पर शादी की रस्म सोमवार सुबह संपन्न कराई गई। सीएमओ के आदेश पर गांव पहुंची चिकित्सकों की टीम ने खाद्य पदार्थों की जांच की।
बनबहा सिरखिनपुर निवासी अमरजीत की पुत्री सोनी से जौनपुर जिले के शाहगंज क्षेत्र के राजापुर निवासी धीरज की शादी तय थी। रविवार रात करीब आठ बजे धीरज बरात लेकर सोनी के घर पहुंचे थे। द्वारपूजा के समय बरातियों व घरातियों ने पास्ते के साथ ही रसमलाई खाईं। रात करीब 10 बजे जयमाल की तैयारी चल रही थी कि तभी दूल्हा व दुल्हन के साथ ही कई लोगों की तबीयत खराब होने लगी।
सभी को उल्टी-दस्त शुरू हो गई। किसी को कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था। अचानक मांगलिक कार्यक्रम बंद हो गया। गांव के लोगों ने 100 लोगों को सीएचसी पहुंचाया जहां 44 लोगों को भर्ती कर लिया गया। वहां बेड और चिकित्सक की कमी होने के कारण 56 लोगों को जौनपुर जिले के शाहगंज सीएचसी भेज दिया गया।
रात में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक विष्णु स्वरूप यादव ने स्वास्थ्य कर्मियों के साथ भर्ती किए गए मरीजों का उपचार शुरू किया। सोमवार सुबह करीब चार बजे सीएचसी में भर्ती दूल्हा धीरज और दुल्हन सोनी की हालत ठीक होने पर उन्हें शादी की रस्म पूरी करने के लिए घर भेजा गया।
सभी का उपचार किया गया
बनबहा सिरखिनपुर गांव में शादी समारोह के दौरान सौ लोग फूड प्वॉइजनिंग के शिकार हुए थे। सीएचसी में भर्ती लोगों का उपचार किया गया। चिकित्सक डॉ. अभय चौहान, फार्मासिस्ट रमेश चंद्र, लैब टेक्नीशियन राहुल चौहान को गांव भेजकर जांच कराई गई है।
-डॉ. डीके त्रिपाठी सीएमओ
जलपान करते ही बिगड़ी तबीयत
फूड प्वॉइजनिंग के शिकार हुए राजापुर निवासी बराती दीपक ने बताया कि द्वारपूजा के दौरान उसने पास्ता खाया था। इसके बाद रसमलाई खाई। थोड़ी ही देर बाद तबीयत खराब हो गई। उल्टी और दस्त होने पर उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया। जो लोग जलपान नहीं किए वे स्वस्थ हैं।
कुछ भी गड़बड़ नहीं था
बनबहा सिरखिन निवासी राम सुमेर ने बताया कि बरात उनके घर आई थी। बरातियों के लिए जलपान के साथ ही भोजन की व्यवस्था की गई थी। भोजन में कुछ भी गड़बड़ नहीं था। नाश्ते के बाद लोगों की हालत बिगड़ी। फूड प्वॉइजनिंग के बाद बरातियों और घरातियों के लिए बनाया गया भोजन भी नहीं खाने की वजह से खराब हो गया।
इन्हें सीएचसी पर किया गया भर्ती
सीएचसी अधीक्षक रमेश यादव ने बताया कि रात में डॉ. विष्णु स्वरूप ने सभी मरीजों का उपचार किया। सीएचसी पर कुल 44 लोगों को भर्ती किया गया। इनमें जौनपुर जिले के वासुदेव, विशाल, कृष्ण चंद्र, चंदन, जयकिशन, अजय, रमेश चंद्र प्रजापति, रूबी, दीपू भारद्वाज, धीरज, सिकंदर, अनिल, अजय, प्रियांशु रहे। जबकि आजमगढ़ जिले से खुशबू, अंबेडकर नगर जिले से मीनू और अर्पिता और सुल्तानपुर जिले के रहने वाले राजन, रामयश, अंकित, ज्योति, चंद्रावती, नीलम, निखिल, अंशी, आकाश सोनी व मंजू आदि शामिल हैं।