सुल्तानपुर। किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में शुक्रवार को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट/एडीजे तृतीय अभय श्रीवास्तव ने मुख्य आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की कैद व 65 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपहरण में सहयोग करने की आरोपी युवती को दोषी मानते हुए सात वर्ष की कैद व 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने मामले में एक सह आरोपी महिला को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
थाना क्षेत्र धम्मौर के एक गांव की 17 वर्षीय किशोरी का 21 जनवरी 2019 को इसी क्षेत्र के ग्राम टड़वा मौजा टिकरी निवासी पंकज कोरी ने अपहरण कर लिया था। अपहरण में किशोरी के गांव की शकुंतला व उसकी पुत्री नीलम ने सहयोग किया था। अपहरण करने के बाद आरोपी पंकज कोरी ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस ने किशोरी की मां की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील अजय सिंह ने सात गवाहों को कोर्ट में पेश किया। शुक्रवार को कोर्ट ने आरोपी पंकज कोरी को अपहरण व दुष्कर्म करने का दोषी मानते हुए 10 वर्ष की कैद व 65 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने अपहरण में सहयोग करने की आरोपी युवती नीलम को सात वर्ष की कैद व 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है जबकि उसकी मां शकुंतला को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। अदालत ने जुर्माने की राशि से 50 हजार रुपये पीड़ित किशोरी को देने का आदेश दिया है।