सुल्तानपुर। छात्रा का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में दोषी करार दिए गए मुख्य आरोपी को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश अंकुर शर्मा ने सोमवार को 10 वर्ष की कैद व 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने छात्रा के अपहरण में सहयोग देने के सह आरोपी को भी पांच वर्ष की सजा सुनाने के साथ 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि प्राप्त जुर्माना राशि में से 30 हजार रुपये पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति दिए जाए।
यह पूरा मामला अमेठी जिले से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष ने बताया कि अमेठी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की इंटरमीडिएट की छात्रा का अपहरण कर उसके साथ 31 अक्तूबर 2011 को दुष्कर्म किया गया था। पीड़िता की तरफ से इस मामले में गांव के ही युवक ललित वर्मा व जौनपुर जिले के बक्सा थाने के कोहड़ा गांव निवासी अरुण निषाद के खिलाफ अपहरण व दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
पुलिस ने विवेचना के बाद मामले की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। बीती 10 जुलाई को कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाने के लिए 17 जुलाई की तिथि तय की थी। सोमवार को पुलिस ने दोनों दोषियों को जेल से लाकर कोर्ट में पेश किया जहां सजा के बिंदु पर सरकारी वकील दान बहादुर वर्मा व बचाव पक्ष की ओर से दलीलें पेश की।