सुल्तानपुर। दशमोत्तर की छात्रवृत्ति व फीस प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन करने वाले करीब 10 हजार छात्र योजना के लाभ से वंचित हो गए हैं। संशोधन के साथ दोबारा संस्तुति मांगे जाने पर इसमें अनुसूचित जाति के छात्रों को छात्रवृत्ति मिलने की आस बंधी है, लेकिन सामान्य व पिछड़े वर्ग के छात्रों की उम्मीद खत्म हो गई है।
बीते वित्तीय वर्ष में दशमोत्तर की छात्रवृत्ति के लिए सामान्य वर्ग के करीब 32,009, पिछड़े वर्ग के 33,145, अनुसूचित जाति के 32081 छात्रों ने आवेदन किया था। मार्च तक समाज कल्याण व पिछड़ा वर्ग निदेशालय की ओर से सामान्य वर्ग के 28303, अनुसूचित जाति के 29651 और पिछडे़ वर्ग के करीब 29415 छात्रों की छात्रवृत्ति उनके खाते में भेज दी गई। इस तरह सामान्य वर्ग के करीब 3706, अनुसूचित जाति के 2430 और पिछड़े वर्ग के करीब 3821 छात्र फीस प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति से वंचित रह गए हैं।
हालांकि इसमें अनुसूचित जाति के वंचित 2430 छात्राें के विभिन्न खामियों में अपूर्ण पाए गए आवेदनों को निदेशालय ने दोबारा संशोधित करके भेजने का निर्देश दिया है। इससे एससी के छात्रों को छात्रवृत्ति मिलने के आसार बने हैं, लेकिन पिछड़ा व सामान्य वर्ग के छात्रों के आवेदन को विभिन्न खामियों के चलते खारिज कर दिया गया है। इसकी वजह से सामान्य व पिछड़े वर्ग के करीब छह हजार छात्र योजना के लाभ से वंचित रह गए हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि अनुसूचित जाति के छात्रों के आवेदन संशोधित कराकर भेजने की प्रक्रिया चल रही है। अभी सामान्य व पिछड़े वर्ग के संबंध में कोई निर्देश नहीं मिला है।