सोनभद्र। सदर कोतवाली क्षेत्र के बढ़ौली चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल में मंगलवार की शाम उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने डॉक्टर व स्टाफ पर केस दर्ज किया है।
चोपन थाना क्षेत्र के लंगड़ा मोड़ (डाला) निवासी डबलू (25) कुछ दिनों से बीमार था। उसे उपचार के लिए परिजनों ने मंगलवार को सीएचसी चोपन में भर्ती कराया। सेहत में सुधार न होने पर चिकित्सकों ने जिला अस्पताल लोढ़ी रेफर कर दिया। आरोप है कि वहां चिकित्सक न होने पर परिजन किसी की सलाह पर डबलू को बढ़ौली चौक स्थित निजी अस्पताल पहुंचे। वहां युवक को भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। मंगलवार की शाम करीब 7 बजे युवक की मौत हो गई। इसकी जानकारी होने पर परिजन उग्र हो गए और हंगामा मचाने लगे। करीब तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा। सूचना पर सीओ राहुल पांडेय, सदर कोतवाल मनोज सिंह और महिला थानाध्यक्ष सरोजमा सिंह के नेतृत्व में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। किसी तरह पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रात साढ़े दस बजे जिला अस्पताल भेज दिया।
पत्नी का आरोप, नहीं मिलने दिया
मृतक की पत्नी पुष्पा ने पुलिस को दी तहरीर में निजी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. जेएस गुप्ता और अन्य स्टॉफ पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया है। कहा कि वह कई घंटे से चिकित्सक से पति को वाराणसी रेफर करने की गुहार लगाते रही, मगर स्थिति ठीक होने की बात कहते हुए उसे रोके रखा। आरोप है कि परिजनों को भी डबलू से नहीं मिलने दिया गया। मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने केयर हास्पिटल एवं बाल चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. जेएस गुप्ता और अन्य स्टॉफ पर मुकदमा दर्ज किया है।
चिकित्सकों की टीम ने की जांच
सीएमओ के निर्देश पर रात में ही एसीएमओ डॉ. प्रेमनाथ और डॉ. अमृत राय की दो सदस्यीय टीम दो अन्य कर्मचारियों चंचल यादव, आशीष कुमार के साथ रात दस बजे अस्पताल पहुंची। चिकित्सक के कक्ष में पहुंच जरूरी जानकारी ली। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। सीएमओ डॉ. आरजी यादव ने बताया कि पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
यहां भी दिखा चर्चित चिकित्सक का बोर्ड
निजी अस्पताल में हंगामे के दौरान रात में एक अन्य चर्चित चिकित्सक का भी कक्ष नजर आया। जिस चिकित्सक के विरुद्ध कुछ माह पूर्व स्वास्थ्य विभाग ने धोखाधड़ी और मेडिकल एक्ट के उल्लंघन में केस दर्ज कराया था। इस अस्पताल में भी उस चिकित्सक की नेम प्लेट लगी मिली। इन पर पूर्व में कई अस्पतालों में नियम विरुद्ध ऑपरेशन करने सहित अन्य गंभीर आरोप लग चुके हैं।