रामगढ़। पन्नूगंज थाना क्षेत्र के कसारी ग्राम पंचायत के युवा प्रधान अनिल गुप्ता ने बुधवार की रात फांसी लगाकर जान दे दी। घटना से कुछ देर पहले प्रधान का घर में विवाद हुआ था। अक्सर देर से घर आने के कारण परिजनों ने उससे नाराजगी जताई थी। आत्महत्या के पीछे इसे भी वजह माना जा रहा है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
चतरा ब्लाॅक के कसारी ग्राम पंचायत के काशीपुरा टोला निवासी अनिल गुप्ता (38) वर्ष 2015 से लगातार दूसरी बार ग्राम प्रधान चुने गए थे। बुधवार की देर रात वह घर पहुंचे तो पिता, भाई सहित अन्य परिजनों ने देर से आने का कारण पूछा। अक्सर देर रात तक घर से बाहर रहने पर नाराजगी भी जताई। इसे लेकर काफी देर तक कहासुनी भी हुई। बताते हैं कि इसके बाद अनिल अलग कमरे में जाकर सो गए। सुबह जब देर तक नहीं जगने पर छोटे भाई सुनील ने दरवाजा खटखटाया। काफी देर तक आवाज लगाने के बाद भी कोई उत्तर नहीं मिला। बाद में दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे तो परिजनों के होश उड़ गए। कमरे में लगे पंखे से साड़ी के फंदे पर अनिल का शव लटक रहा था। सूचना पर पहुंचे पन्नूगंज प्रभारी निरीक्षक केदारनाथ मौर्य ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि परिवारजनों से पूछताछ में मौत का कारण पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव की बात सामने आई है। सभी बिंदुओं पर छानबीन की जा रही है। बता दें कि अनिल दो भाइयों में बड़े थे। उन्हें दो लड़के और दो लड़कियां हैं। इलाके में उनकी छवि काफी प्रभावी थी। घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण भी इस घटना से स्तब्ध हैं।