सोनभद्र। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम से संचालित 32वें अंतरराज्यीय स्वास्थ्य मेले का बृहस्पतिवार को समापन हुआ। महर्षि चरक वनांचल स्वास्थ्य सेवा यात्रा के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने चार राज्यों के सीमावर्ती गांवों में कैंप लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और दवाएं दी। समापन पर मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभारी) डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने योग और आयुर्वेद को सभी तरह की बीमारियों के लिए सबसे कारगर औषधि बताया।
लोढ़ी स्थित सर्किट हाउस में कार्यक्रम के दौरान डॉ. मिश्र ने शिविर में प्रतिभाग करने वाले डॉक्टरों को प्रमाण पत्र व स्मृति चिह्न भेंट किया। उन्होंने कहा कि महर्षि चरक वनांचल स्वास्थ्य सेवा यात्रा के माध्यम से वनवासी अति पिछड़े परिवार के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की यह मुहिम सराहनीय है। सुदूरवर्ती इलाकों के जो लोग किन्हीं कारणों से डॉक्टरों तक नहीं पहुंच पाते, उन तक इस यात्रा के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि योग और आयुर्वेद के माध्यम से कोरोना जैसी महामारी में लोगों ने अपने को स्वस्थ रखा। आयुर्वेद के माध्यम से बड़ी से बड़ी बीमारी का इलाज संभव होता है। आगामी वर्षों में और बेहतर व्यवस्था के साथ मेले का आयोजन कराया जाएगा। इस दौरान सह संगठन प्रमुख मनोज जी ने छह दिवसीय शिविर की रिपोर्ट प्रस्तुत की। सीडीओ सौरभ गंगवार ने आभार जताया। संचालन सेवाकुंज आश्रम के सह संगठन मंत्री आनंद जी ने किया। इस मौके पर राज्यसभा सांसद रामशकल, श्रीराम पाठक, विधायक भूपेश चौबे, देवनारायण खरवार, अनिल धनगर, रामसेवक खरवार, आलोक चतुर्वेदी, विमल सिंह, डॉ. केके द्विवेदी, डॉ. विजय राय आदि मौजूद रहे।
आयुष अस्पताल में व्यवस्था सुधारने के निर्देश
राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. दयाशंकर मिश्र ने लोढ़ी में स्थापित 50 बेड के आयुर्वेद चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। परिसर में साफ-सफाई व अन्य व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। अस्पताल परिसर में पौधरोपण और जल आपूर्ति के लिए सेफ्टी टैंक की स्थापना करने को कहा।