रेणुसागर। अनपरा नगर के वार्ड नंबर 20 से घर में पत्र छोड़कर लापता युवक का शनिवार को भी कहीं पता नहीं चला। पुलिस गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन में जुटी है। उधर, पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा है।
मूल रूप से रामगढ़ निवासी जयचंद अनपरा में किराए के मकान में पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता है। वह क्षेत्र की ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करता था। वह किराए पर वाहन भी चलवाता था। जयचंद की पत्नी शशिकला उर्फ रेखा ने बताया कि मंगलवार को पति और बच्चों के साथ कुछ काम से अपने मायके अहरौरा गई थी। वहां अचानक उन्हें उल्टी होने लगी। बीमारी का हवाला देकर उन्होंने नौकरी से दो दिन की छुट्टी ली थी। बृहस्पतिवार को पति अकेले ही अनपरा लौट गए। शुक्रवार को कई बार फोन किया। कोई जवाब न मिलने पर अनपरा आई तो घर पर ताला लगा था। ताला तोड़कर अंदर पहुंची तो आलमारी पर पत्र रखा था। पत्र में लिखा था कि उन्हें कोरोना का लक्षण दिख रहा है। इसलिए वह सबको छोड़कर जा रहे हैं। पत्र पढ़ने के बाद पुलिस को सूचना दी। जयचंद को एक बेटी और एक बेटा है। घटना के बाद से ही पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। अनपरा एसओ नागेश सिंह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर युवक की तलाश की जा रही है। जानकारी मिलते ही परिजनों को सूचित कर दिया जाएगा।
पत्र में लिखा, मुझे कोरोना है
घर से मिले सुसाइड नोट में जयचंद ने अपने आत्महत्या करने की वजह कोरोना संक्रमण को बताया है। पत्नी को संबोधित पत्र में जयचंद ने लिखा है कि आज मुझे उल्टी बहुत हुई, वो भी खून की। मैंने कोरोना जांच नहीं कराया, लेकिन कोरोना का पूरा लक्षण मैं महसूस कर रहा हूं। मेरे जिंदा रहने से और लोगों को जान का खतरा हो सकता है, इसलिए मैंने सोच-विचार कर यह फैसला लिया है कि मैं गंगा नदी में जाकर जान दे दूंगा।