डीएम बद्रीनाथ सिंह ने जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों की नियमित सूची और जांच, एक्सरे के शुल्क का विवरण का बोर्ड लगाने का निर्देश दिया है। किसी भी हाल में मरीजों का शोषण न हो। कहा कि लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई होगी।
सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक में डीएम ने सीएचसी पर अनटाइड फंड के खर्च का विवरण और कार्य योजना मांगी तो सिर्फ घोरावल और चोपन के सीएचसी अधीक्षक ही इसे प्रस्तुत कर सके।
अन्य अधीक्षकों के पास कोई विवरण नहीं था। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने अन्य सभी अधीक्षकों को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। आयुष्मान कार्ड योजना के अंतर्गत जिले में चिह्नित 19 निजी अस्पतालों के निरीक्षण के संबंध में प्रभारी अधिकारी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके।
डीएम ने सीएमओ को चिह्नित अस्पतालों का निरीक्षण नियमानुसार न किए जाने पर संबंधित डॉक्टर व प्रभारी के वेतन भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश दिए। सीएचसी प्रभारियों को हिदायत दी कि संस्थागत प्रसव पर जोर दें।
सीएमओ व डीपीएम को निर्देशित किया कि सीएचसी, पीएचसी और उपकेंद्रों पर मानक के अनुरूप एएनएम की तैनाती कराएं। जहां भी बिजली, पानी से संबंधित समस्या हो, उसका शीघ्र ही निराकरण कराया जाय।
समीक्षा बैठक में सीडीओ सौरभ गंगवार, सीएमओ डाॅ. अश्वनी कुमार, मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. सुरेश सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत सिंह, जिला कृषि अधिकारी डाॅ. हरेकृष्ण मिश्र, डाॅ. एसएस पांडेय, एडीआईओ विनय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।