बभनी। लाकडाउन में घर वापसी के लिए कोई साधन न होने से मजदूर पैदल ही अपने घरों के लिए जा रहे हैं। बुधवार की रात छत्तीसगढ, उड़ीसा से पैदल प्रयागराज जा रहे श्रमिकों को बभनी में रोक कर भोजन कराया गया। फिर उन्हें रवाना किया गया। सभी होटल ढाबे बंद होने के नाते उन्हें रास्ते में कहीं भोजन नसीब नहीं हो रहा है। बिस्किट, नमकीन पर ही सैकड़ों तथा हजारों किमी की दूरी तय कर रहे हैं। बुधवार की रात में रायगढ़, छत्तीसगढ़ से पैदल जा रहे 69 मजदूर बभनी मोड़ पर आकर रुक गये। उन मजदूरों में मनोज, राधे, मुकुंद, सोनू ने बताया कि हम लोग दो दिन से भोजन नहीं किये हैं। उन लोगों ने बताया कि हम लोग रायगढ़ एक निजी फैक्ट्री में काम करते हैं। कभी पैदल कभी ट्रक से करके यहां तक पहुंचे हैं। अब हिम्मत जवाब दे दिया है। सभी मजदूरों को बभनी मोड़ पर रात में दस बजे रोक कर उनको नि:शुल्क भोजनालय में भोजन कराया गया। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक अविनाश चंद्र सिन्हा ने सभी श्रमिकों को ट्रक रोककर उन्हें प्रयागराज भेजा। इन मजदूरों को भेजने के बाद 14 मजदूर और आ गये। उन सभी लोगों को भोजन कराया गया और शिव मंदिर में रात में विश्राम कराया गया। बृहस्पतिवार सुबह सभी को जलपान कराने के बाद ट्रक पर बैठा कर रवाना कर दिया गया। बता दें कि बभनी मोड़ पर आने जाने वाले राहगीरों मजदूरों के लिए व्यापारियों, संगठनों, सेवाकुंज आश्रम की तरफ से नि:शुल्क भोजनालय खोला गया है। इसमें प्रतिदिन तीन सौ से पांच सौ लोगों को भोजन कराया जाता है और पुलिस के सहयोग से उन्हें गाड़ियों पर बैठाकर भेजा जाता है।