शक्तिनगर। एनसीएल में बीएमएस से जुड़े कोयला कामगारों ने कई कोयला क्षेत्रों में मंगलवार को केंद्र सरकार के कामर्शियल माइनिंग के फैसले के विरोध में जागरूकता अभियान चलाया और सरकार विरोधी नारेबाजी कर नाराजगी जताई। कहा कि इसके लिए लंबी लड़ाई लड़ी जाएगी। वक्ताओं ने बताया कि केंद्र सरकार ने बीते दिनों कोल इंडिया की अनुशंगी कंपनियों में कामर्शियल माइनिंग कराने का ऐलान किया है। इसी के बाद कोयला क्षेत्र के कामगारों में रोष व्याप्त है। श्रमिक संगठनों ने सरकार के फैसले को कोल इंडिया का निजीकरण करने वाला फैसला बताया। हालांकि केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को साफ कर दिया कि इस फैसले से मजदूर हितों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके बावजूद एनसीएल में विरोध थमने के बजाए बढ़ रहा है। सरकार के खिलाफत में सबसे पहले बीएमएस उतरा हैं। यह संगठन भाजपा का सहयोगी माना जाता है। मंगलवार को बीएमएस से जुड़े कोयला मजदूरों ने एनसीएल के जयंत, दुद्धीचुआ, नेहरू शताब्दी चिकित्सालय सहित कई कोयला क्षेत्रों में प्रदर्शन व नारेबाजी के साथ श्रमिकों के बीच जागरूकता अभियान चलाया। संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों में शुमार पीके सिंह ने बताया कि बृहद रूप से आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली गई है। उनका कहना था कि सरकार फैसले पर विचार करने का काम नहीं किया तो आंदोलन को धार देने का काम होगा।