रॉबर्ट्सगंज दंडइत बाबा मंदिर में सोमवती अमावस्या पर पीपल वृक्ष की परिक्रमा करती महिलाएं। संवाद
सोनभद्र। अधिक मास (मलमास) में सोमवती अमावस्या होने पर सोमवार को बड़ी संख्या में सुहागिन महिलाएं पीपल के वृक्ष के नीचे एकत्रित होकर सोमवती अमावस्या की पूजन की। विधि विधान से पूजन अर्चन कर अखंड सौभाग्य का वर मांगा। सोमवती अमावस्या पर पूजन करने के लिए बड़ी संख्या में महिलाओं की भीड़ जुटी रहीं। पं. रविप्रकाश चौबे ने बताया कि सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना जाता गया है। मगर जब अमावस्या सोमवार के दिन पड़ती है तो उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। इस वर्ष की यह पहली सोमवती अमावस्या अधिकमास यानी पुरुषोत्तम मास में पड़ने से इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया। इस दिन पूजन करने के लिए रॉबर्ट्सगंज नगर के दंडईत बाबा मंदिर परिसर में, सिविल लाइन रोड, नगर पालिका पार्क में सुबह से ही श्रद्धालु महिलाओं में भारी उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने व्रत रखकर पीपल वृक्ष का पूजन की और 108 परिक्रमा लगाकर अखंड सौभाग्य एवं पति की दीर्घायु की कामना की। इस दौरान महिलाओं ने एक -दूसरे की मांग भरी। बताया कि इस समय पुरुषोत्तम मास चल रहा है और इसी मास में सोमवती अमावस्या का पड़ना अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग है। ऐसा संयोग लगभग तीन वर्षों में एक बार बनता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन विशेष फलदायी माना जाता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पितृ पक्ष पितरों को समर्पित होता है, उसी प्रकार पुरुषोत्तम मास में आने वाली अमावस्या पितरों की शांति और तृप्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।