पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे करंट से मृत महिला के परिजन। - संवाद
सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के पटेहरा (रामपुर) गांव में बुधवार की सुबह घर के पास टूटे हाईटेंशन तार की चपेट में आने से मीना (34) की मौत हो गई। तार टूटने घर में करंट उतर गया था। इसी समय स्विच बंद करने के दौरान महिला करंट की चपेट में आ गई। परिवार के अन्य सदस्य घर से बाहर निकल गए थे। घटना से ग्रामीणों में आक्रोश है। परिवार वालों ने बिजली निगम पर उदासीनता बरतने का आरोप लगाया है। बताते हैं कि राजाराम यादव के घर के आगे और पीछे दोनों तरफ से हाईटेंशन तार गुजरा हुआ है। राजाराम ने बताया कि सुबह छह बजे के करीब वह बाहर निकले हुए थे। उसी दौरान घर के ठीक पीछे स्थित हाईटेंशन तार टूट कर गिर गया। इससे वहां स्थित फसल में आग लग गई। घर में भी करंट उतर गया। यह देख परिवार के सभी लोग बाहर आ गए लेकिन बहू मीना (34) पत्नी बच्चा यादव स्विच ऑफ करने के चक्कर में करंट की चपेट में आ गई। तत्काल इसकी सूचना बिजली निगम को दी गई। जब तक बिजली गुल होती तब तक वह गंभीर रूप से झुलस गई। मेडिकल कॉलेज लाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मीना को 10 वर्ष की बेटी और आठ व छह वर्ष के दो बेटे हैं। तीनों के पालन-पोषण किस तरह होगा? इसकी चिंता सभी को सताए हुए थी। रॉबर्ट्सगंज कोतवाल धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज से मिली सूचना के आधार पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। अभी इस मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है। अगर कोई तहरीर मिलती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। राजाराम ने बताया कि उनके घर के सामने पिछले वर्ष दो अक्तूबर को तार टूटकर गिर गया था। उसके दो-तीन माह बाद पीछे वाला तार टूटा था। इस घटना को देखते हुए उन्होंने विभाग के लोगों से तार को दूसरी जगह शिफ्ट करने या सुरक्षा जाली लगवाने की मांग की थी लेकिन उनकी बात को अनसुना कर दिया गया। बताया कि वर्ष 1966 से वह घर बनाकर आबाद हैं। जिस वक्त तार खींचा जा रहा था। उस वक्त भी उन्होंने एतराज जताया था लेकिन संजीदगी नहीं दिखाई गई। प्रधान लालबहादुर, पूर्व प्रधान जगधारी यादव ने बताया कि लगभग 10 परिवारों के 100 व्यक्तियों की जिंदगी खतरे में पड़ी हुई है। घर के आगे-पीछे दोनों तरफ से हाइटेंशन तार गया हुआ है। अक्सर टूटने की घटनाएं होती रही हैं। विभागीय जेई-एसडीओ को कई बार सूचना दी जा चुकी है लेकिन संजीदगी नहीं दिखाई गई। सपा के ओबरा विधानसभा अध्यक्ष परमेश्वर यादव ने घटना के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। कहा कि सुबह छह बजे घटना हुई लेकिन दोपहर 12 बजे तक कोई भी विभागीय कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। एसडीओ से भी कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। जब एक्सईएन से इस बारे में बात की गई तब एसडीओ ने कॉल उठाई। कहा कि गांव के लोग कई बार इस स्थिति पर चिंता जता चुके हैं लेकिन ध्यान नहीं दिया गया।