दुद्धी के लोगों का दर्द
- फोटो : अमर उजाला
3719 परिवार, 3520 को मिल सका है मुआवजा
पुरानी सूची के अनुसार कुल 3719 विस्थापित परिवारों के समक्ष 3520 परिवार को मुआवजा पैकेज दिया जा चुका है। प्रपत्र 6 के अनुसार 424 परिवारों को सूचीबद्ध किया गया है। इसमें 80 परिवारों को मुआवजा दिया गया है। आवासीय प्लाट 3450 विस्थापित परिवार को दिया गया है।
मुआवजा के साथ फसल कटाई का मिले मौका
विस्थापित नेता गंभीरा प्रसाद, पंकज कुमार गौतम ने कहा कि प्रशासन की ओर से गांव में एक सूचना चस्पा कर शीघ्र गांव खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है। ऐसा न करने पर पुलिस बल का प्रयोग करने का भी उल्लेख है। पहले छूटे हुए विस्थापित परिवारों का नाम सूची में जोड़ा जाए। जो विस्थापित पैकेज का लाभ ले लिए हैं उन्हें सरसों, गेहूं, चना जैसे फसलों की कटाई के लिए 10 जून तक का समय दिया जाए। दोबारासर्वे कराकर छूटे हुए करीब पांच हजार विस्थापित परिवारों का नाम सूची में दर्ज किया जाए।
मुआवजा के साथ फसल कटाई का मिले मौका
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27 करोड़ की परियोजना 2700 करोड़ तक पहुंची
कनहर सिंचाई परियोजना की शुरुआत अक्टूबर 1976 में दुद्धी तहसील के अमवार गांव में हुई थी। नारायण दत्त तिवारी की सरकार में सिंचाई मंत्री रहे लोकपति त्रिपाठी के प्रयास से स्वीकृत हुई परियोजना से 108 गांवों के 35462 हेक्टेयर क्षेत्रफल को सिंचित किए जाने का लक्ष्य था। तब इसकी लागत महज 27 करोड़ थी। परियोजना को दस साल में पूरा होना था। साढ़े चार दशक बाद अब बांध पूरा होने की ओर है। जून तक नदी में बांध का काम पूरा करने के लक्ष्य के साथ कार्य जोरों पर है। लेटलतीफी के कारण परियोजना की लागत लगभग सौ गुना 2700 करोड़ तक पहुंच गई है।
परियोजना से विस्थापित होने वाले परिवारों को पैकेज दिया जा रहा है। पैकेज नहीं मिलने वाले परिवार की जांच कराकर उन्हें लाभान्वित कराया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। -शैलेंद्र मिश्र, एसडीएम दुद्धी।